महान यौद्धा छत्रपति शिवाजी ने साकार किया था स्वराज का सपना
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था, तोछीगढ़ द्वारा सत्य कृष्णांजलि पब्लिक स्कूल, नगला नैहचला में आज स्वराज ने सपने को साकार करने वाले महान यौद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शिवाजी महाराज के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके वीरतापूर्वक किए गए कार्यों को स्मरण किया।
संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उन्होंने बचपन में ही अपनी मां जीजाबाई एवम् दादा कोणदेव जी के सानिध्य में युद्ध कला और राजनीति की शिक्षा प्राप्त कर ली थी। शिवाजी बहुत ही प्रतिभावान और सगज राजनीतिज्ञ एवम् नीतिकुशल, दूरदर्शी, योग्य और साहसी सेनानायक तथा बहुत पराक्रमी व अद्वितीय यौद्घा थे। उन्हें अपनी सैन्य क्षमता और देश की भौगोलिक स्थिति का पूरा ज्ञान था इसलिए वह छापामार युद्ध नीति से आक्रमण करते थे। यद्यपि उनका सम्पूर्ण जीवन एक तूफानी और संघर्षमय दौर से गुजरा था लेकिन फिर भी उनके राज्य में शासन व्यवस्था चाक-चौबंद रहती थी। वह सेना के संगठन एवम् प्रजाहित के कार्यों में विशेष रुचि रखते थे। काफी लंबे संघर्ष के बाद 1674 में उनका राज्याभिषेक हुआ और उन्होंने ‘ छत्रपति’ की पदवी धारण की थी।

शिवाजी राजे ने ही सबसे पहले देश की सुव्यवस्थित नौसेना का गठन किया था। उनके राज्य में सभी धर्मों और सभी नारियों का सम्मान किया जाता था। शिवाजी राजे अन्याय के दमन को ही अपना प्रथम कर्तव्य समझते थे इसलिए वह जीवनभर अपने समकालीन शासकों के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते रहे थे। शिवाजी ने एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना का महान संकल्प लिया था और उसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वह आजीवन संघर्षरत रहे थे। सच्चे अर्थों में शिवाजी एक महान राष्ट्र निर्माता थे। 3 अप्रैल 1680 को आज ही के दिन वह दुनियां छोड़कर गौलोक वासी हो गये थे। इस अवसर पर प्रबंधक देवेन्द्र सिंह सिकरवार एवं समस्त विद्यार्थियों और शिक्षकों समेत गगन शर्मा, विवेक शर्मा, विवेक, हिमांशु, सार्थक,चारू शर्मा, डिम्पल, डौली, वैष्णवी, तनवी, रितिका, आन्या, लक्ष्मी आदि मौजूद रहे।