मतदान अधिकार खतरे में बयान पर तथ्य नहीं, आयोग की वेबसाइट से हुआ खंडन
अलीगढ़। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा 07 अगस्त को एक प्रेस वार्ता में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दो मतदाताओं के नाम एक से अधिक राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज होने का दावा किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इन मतदाताओं के नाम उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं में भी दर्ज हैं। राहुल गांधी ने जिन दो मतदाताओं का उल्लेख किया, वे आदित्य श्रीवास्तव पुत्र एसपी श्रीवास्तव (ईपिक नं. FPP6437040)और विशाल सिंह पुत्र महीपाल सिंह (ईपिक नं. INB2722288)उन्होंने दावा किया कि इन मतदाताओं के नाम मुंबई, बैंगलोर और उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं में एक साथ दर्ज हैं, और यह आंकड़े उन्होंने 16 मार्च 2025 को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से प्राप्त किए थे।
तथ्यों की जांच में सामने आया सच्चाई का आईना:
हालांकि, 07 अगस्त 2025 को भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर की गई ताजा जांच में स्थिति भिन्न पाई गई। जांच में निम्न तथ्य सामने आए कि आदित्य श्रीवास्तव का नाम केवल विधानसभा 174 महादेवपुरा (बैंगलोर अर्बन), बूथ संख्या 458, क्रम संख्या 1265 पर दर्ज है। इसी प्रकार से श्री विशाल सिंह का नाम केवल महादेवपुरा विधानसभा के बूथ संख्या 513, क्रम संख्या 926 पर दर्ज पाया गया। उत्तर प्रदेश की किसी भी विधानसभा- चाहे वह लखनऊ पूर्व (173) हो या वाराणसी कैंट (390) में इन मतदाताओं का नाम अंकित नहीं पाया गया।
तथ्यहीन निकले यूपी से जुड़े आरोप:
इस प्रकार, प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश राज्य के संदर्भ में जो तथ्य प्रस्तुत किए गए थे, वे तथ्यात्मक रूप से गलत साबित हुए हैं। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पारदर्शी है और समय-समय पर मतदाता सूचियों का संशोधन कर त्रुटियों को दूर किया जाता है। आमजन से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइटों से प्राप्त अद्यतन जानकारी पर ही विश्वास करें।