कच्चे धागों में घुली पक्के रिश्तों की मिठास, रक्षाबंधन पर बहनों का उत्साह चरम पर
इगलास। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सोमवार को नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सुबह से ही बहनों में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का उत्साह चरम पर था। कोई बाइक से, कोई कार से, तो कोई बस या अन्य साधनों से लंबी दूरी तय कर अपने मायके या भाइयों के घर पहुंचा।

मौसम की उमस, भीड़भाड़ और रास्तों की मशक्कत के बावजूद बहनों के कदम थमे नहीं। शुभ मुहूर्त में घर-आंगनों में परंपरा का सुंदर दृश्य सज गया—बहनों ने भाइयों के ललाट पर तिलक किया, आरती उतारी और कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर सुख, समृद्धि और दीर्घायु की मंगल कामना की। बदले में भाइयों ने उपहार और रुपये भेंट कर बहनों के मंगलमय जीवन का आशीर्वाद लिया और आजीवन रक्षा का वचन दिया।

त्योहार की रौनक के बीच कस्बे का यातायात भी दिनभर प्रभावित रहा। मुख्य चौराहे सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिन्हें नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सरकारी बसों की कमी का फायदा उठाकर डग्गामार वाहनों ने जमकर सवारी ढोई।

त्योहार के मौके पर मिष्ठान की दुकानों पर भीड़ का आलम यह था कि नगर की प्रसिद्ध चमचम और घेवर की मांग इतनी बढ़ गई कि कई प्रमुख दुकानें एक दिन पहले ही ‘सोल्ड आउट’ हो गईं। मिठाई लेने के लिए ग्राहकों की लंबी लाइनें सुबह से शाम तक लगी रहीं।

रक्षाबंधन का यह दिन सिर्फ राखी बांधने का नहीं, बल्कि बचपन की यादें, स्नेह और विश्वास की डोर को फिर से कसने का अवसर था, जो कच्चे धागों में पक्के रिश्तों की मिठास के रूप में पूरे दिन महकता रहा।

बारिश भी नहीं रोक पाई बहनों का स्नेह

नगला जुझार। रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को सुबह से जारी बारिश ने भले ही लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी, लेकिन भाइयों से मिलने के लिए बहनों के कदम नहीं थमे। दर्जनों बहनें बारिश थमने का इंतजार करती रहीं, पर मौसम की मार झेलते हुए भीगते-भीगते भाईयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। मौसम चाहे जैसा रहा हो, बहनों के उत्साह और स्नेह में कोई कमी नहीं आई।
बहनों ने की भाइयों की लंबी उम्र की कामना

गौंडा। रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। कस्बे में घेवर और मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर रही, जिससे मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। यातायात सुचारु रखने के लिए इंस्पेक्टर मनोज कुमार स्वयं सड़कों पर गश्त करते रहे। इस अवसर पर बीके सावित्री बहन ने कहा कि रक्षाबंधन भारत की संस्कृति और मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाला पर्व है, जो भाई-बहन के रिश्ते को स्नेह, रक्षा, ईश्वरीय, परिवर्तन और पवित्रता के सूत्रों से जोड़ता है।

