दिनभर जाम, बारिश और भीड़ के बीच रक्षाबंधन की रौनक
इगलास। रक्षाबंधन के उल्लास में डूबा इगलास कस्बा शनिवार को मानो ठहर-सा गया। मुख्य चौराहे से लेकर कस्बे की सभी प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिनभर जाम की स्थिति पैदा करती रहीं। यातायात का दबाव इतना अधिक था कि स्थानीय लोग और बाहर से आए यात्री घंटों फंसे रहे। हर तरफ हार्न की आवाज, इंजनों की गड़गड़ाहट और भीड़-भाड़ का शोर माहौल में घुला हुआ था।

शुक्रवार रात से जारी झमाझम बारिश ने सुबह आठ बजे तक जमकर दस्तक दी। इसके बाद भी दिनभर रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहीं। लगातार बरसात से सड़कों पर पानी भर गया और जगह-जगह कीचड़ व फिसलन ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बारिश और भीड़ के बीच निकलना लोगों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। इस दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

त्योहार की रौनक का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि डग्गामार वाहनों ने मौके का भरपूर फायदा उठाया और यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। उधर, मिष्ठान की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। खासतौर पर चमचम और घेवर की मांग इतनी अधिक रही कि नगर की कई प्रमुख दुकानें त्योहार से एक दिन पहले ही मिठाई बेचकर खाली हो गईं।

भीड़, बारिश और जाम के बीच भी त्योहार का उल्लास कम नहीं हुआ। हर किसी के चेहरे पर मुस्कान थी, क्योंकि उनके मन में बस एक ही चिंता थी राखी के दिन बहन के घर या भाई की कलाई तक समय पर पहुंचना।
लोगों की जुबानी
स्थानीय निवासी रामकिशोर शर्मा ने बताया, सुबह से ही निकलने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन बहन के घर समय पर पहुंचने के लिए भीगते-फिसलते जाना पड़ा। त्योहार का मज़ा जाम में फंसकर भी खराब नहीं हुआ।
सुनीता अग्रवाल जो मायके से लौट रही थीं, ने कहा बारिश और जाम से सफर मुश्किल हो गया, लेकिन राखी का दिन साल में एक बार आता है, इसलिए किसी भी हाल में आना जरूरी था।
नगर के प्रमुख मिठाई विक्रेता दिनेश सिंघल ने बताया चमचम और घेवर की मांग सबसे ज्यादा रहती है। इस बार तो दोपहर तक सारा माल बिक गया, कई ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
