रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

मंगलायतन विश्वविद्यालय में नवदीक्षा 2025 ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आगाज

-नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हुआ स्वागत, कुलपति ने दिया सफलता का मूल मंत्र
इगलास। मंगलायतन विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए नवदीक्षा 2025 ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन का सोमवार को आगाज हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय सभागार में किया जा रहा है। प्रथम दिवस फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों का स्वागत हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके बाद कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने अपने आशीर्वचन में विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत, नवाचार और नैतिक मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में रहते हुए वे अपनी दिनचर्या का पूरा ध्यान रखें। खेलकूद के साथ पुस्तकालय में समय व्यतीत करते हुए ज्ञान के भंडार को बढ़ाए। उन्होंने एनसीसी, कदम और विभिन्न क्लबों में सक्रिय भागीदारी का विद्यार्थियों से आह्वान किया। जिससे वह हर परिस्थिति पर विजय प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही पढ़ाई से कोई समझौता न करें और संदेह होने पर शिक्षकों से समाधान प्राप्त करें। उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि अभिभावक बड़ी आशाओं के साथ उन्हें यहां भेजते हैं, इसलिए हर छात्र को विश्वविद्यालय की सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए। समय की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि एक बार गया हुआ समय वापस नहीं आता। छात्रों को चाहिए कि हर पल का सदुपयोग करें और अभिभावकों की उम्मीदों पर खरा उतरें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र न केवल अपने भविष्य को उज्जवल बनाएंगे बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपना योगदान देंगे। अंत में कुलपति ने सभी विद्यार्थियों के सुखद, गौरवशाली भविष्य की कामना की और आगे बढ़ने का संकल्प दिलाया।


कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन और समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। अनुशासित व्यक्ति हर परिस्थिति का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है, वहीं समर्पण से व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुंचता है। बाज पक्षी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि बाज की दूरदृष्टि, साहस, एकाग्रता और धैर्य से विद्यार्थियों को सीख लेनी चाहिए। जिस प्रकार बाज अपने लक्ष्य को भांपकर बिना विचलित हुए उस पर झपटता है, उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य को पहचानकर निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक व खेलकूद संबंधी सुविधाओं का विस्तार से उल्लेख किया। साथ ही आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देता है।

सबसे पहले निदेशक प्रवेश प्रो. सौरभ कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को मनोरंजक व आकर्षक बना दिया। प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। संचालन डा. दीपिका बांदिल ने किया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, डीन एकेडमिक प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. आरके शर्मा, डा. राजेश उपाध्याय, डा. पूनम रानी, डा. जितेंद्र यादव, महाप्रबंधक प्रवेश अनुराग आनंद पांडेय, सह महाप्रबंधक प्रवेश मयंक प्रताप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, डा. अर्शी मलिक, तरुन शर्मा, अमित शर्मा आदि थे।

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!