ऑनलाइन शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए मंगलायतन विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
अलीगढ़। डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए मंगलायतन विश्वविद्यालय ने एक और राष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम की है। विश्वविद्यालय को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर में आयोजित स्वयं–एनपीटीईएल समन्वयक सम्मान कार्यशाला में प्रतिष्ठित संभावना सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विश्वविद्यालय को स्वयं–एनपीटीईएल के मूक ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता तथा ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। कार्यशाला में उत्तर भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों केस्वयं–एनपीटीईएल समन्वयक, ऑनलाइन पाठ्यक्रम समन्वयक तथा शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑनलाइन शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को सम्मानित करना था।
मंगलायतन विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पाठ्यक्रम समन्वयक शुभम शर्मा ने भी कार्यशाला में भाग लेकर विभिन्न तकनीकी एवं शैक्षणिक सत्रों में सहभागिता की। कार्यशाला के दौरान प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने एनपीटीईएल पाठ्यक्रमों के सफल संचालन की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से जोड़ने, उनका पंजीकरण कराने, नियमित मार्गदर्शन देने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा प्रमाणन प्रतिशत बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही प्रभावी रणनीतियों ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। उनके प्रस्तुतीकरण को उपस्थित शिक्षाविदों ने सराहा और अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायी बताया।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के सभी विभागीय ऑनलाइन पाठ्यक्रम समन्वयकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। कुलसचिव कमांडर मनोज के. (रिटा.) एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने बताया कि यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर मंगलायतन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार आधारित शिक्षण और डिजिटल शिक्षा के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।