ब्रेस्ट कैंसर के उपचार पर शोध के लिए मंगलायतन विश्वविद्यालय को मिली ग्रांट
– सीएसटीयूपी ने तीन साल की शोध परियोजना को दी मंजूरी, रसायन विज्ञान विभाग की टीम करेगी अध्ययन
अलीगढ़। कैंसर के उपचार के क्षेत्र में नए और पर्यावरण-अनुकूल औषधीय विकल्पों की तलाश की दिशा में मंगलायतन विश्वविद्यालय को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीएसटीयूपी) ने विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज के रसायन विज्ञान विभाग की शोध परियोजना को मंजूरी देते हुए इसके लिए बजट स्वीकृत किया है। तीन वर्ष की अवधि वाली इस परियोजना में बिस्मथ आधारित कार्बनिक यौगिकों के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर के उपचार की संभावनाओं पर शोध किया जाएगा।
ऑर्गेनोबिस्मथ कंपाउंड्स फॉर ब्रेस्ट कैंसर थेरेपी: ए ग्रीन सस्टेनेबल अप्रोच अलाइंड विद एसडीजी शीर्षक वाली इस परियोजना का नेतृत्व रसायन विज्ञान विभाग की प्रो. मनीषा शर्मा करेंगी। उनके साथ सह-शोधकर्ता के रूप में प्रो. दिनेश शर्मा एवं प्रो. रविकांत भी शोध कार्य में योगदान देंगे। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिस्मथ आधारित कार्बनिक यौगिकों का उपयोग कर ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के लिए पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ औषधीय विकल्पों की संभावनाओं का अध्ययन करना है। शोध को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप तैयार किया गया है।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने इस उपलब्धि पर रसायन विज्ञान विभाग की शोध टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार से जुड़े इस शोध से चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है।