सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित
शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों से होती है व्यक्तित्व की पहचान- नीरज गुप्ता
गभाना। नगर के केशव कुंज स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में सोमवार को मेधावी छात्र-छात्राओं को एक समारोह के मध्य सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक नीरज गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की व्यक्ति के जीवन में बाल्यकाल से ही संस्कारों का विकास होना जरूरी है। शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों को अपनाने से ही हमारे व्यक्तित्व की पहचान होती है। संस्कार व्यक्ति को आंतरिक रूप से मजबूत बनाते हैं। इंसान के लिए संस्कारों की बुनियाद उसी तरह जरूरी है जैसे एक पक्के मकान के लिए मजबूत बुनियाद की। बुनियाद कमजोर होगी तो मकान ज्यादा टिक नहीं पाएगा। संस्कार की बुनियाद परिवार से ही आती है। माता-पिता प्रथम गुरु होते हैं, घर में बच्चा जो सीखता है वही व्यवहार दूसरों के साथ करता है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उनमें अच्छे संस्कारों के नींव डाले। ऐसा करने से बच्चों में आत्मविश्वास जागृत होता है, और सफलता कदम चूमती है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गान, सरस्वती वंदना समेत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मौजूदा लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर कक्षा एक से 12 तक मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर व अभिभावकों को पटका पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन हरिपाल सिंह ने किया, जबकि सभी प्रधानाचार्य शिवकांत रावत ने सभी आगंतुकों का आभार जताया। इस मौके पर मुकेश कश्यप, महेश चंद्र सरस्वती, जितेंद्र सिंह राघव, गजेंद्र सिंह राघव, राजीव शर्मा, राजकुमार कुशवाह, अजय कुमार, करन माहौर, सुनीता गौड़, रजनी शर्मा, रूबी सिंह, उर्मिला सिंह, गीतांजली, कीर्ती, अंजली, डौलेश लवानिया आदि मौजूद रहे।