नातिनी और नवजात की मौत का सदमा नहीं सह सकी नानी, दुनियां को कहा अलविदा
चंडौस। नियति का विधान भी कितना अजीब है, जहाँ एक ओर जीवन के आने की तैयारी थी, वहीं मौत ने एक साथ तीन जिंदगियों पर अपनी दस्तक दे दी। चंडौस कस्बे में घटी एक हृदयविदारक घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक मां और उसकी नवजात बच्ची की मृत्यु का समाचार मिलते ही शोक संतप्त नानी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। ममता और रूहानी जुड़ाव की इस कारुणिक दास्तां ने पूरे क्षेत्र को शोक के सागर में डुबो दिया है।
प्रसव के लिए ननिहाल आई थी गजाला
कस्बे के निवासी अलीमुद्दीन की नातिनी गजाला की ससुराल एटा के जलेसर में हैं। वह अपने अपने प्रसव के लिए दो माह पूर्व ननिहाल आई हुई थी। सोमवार को गजाला को प्रसव पीढ़ा हुई। परिजन से बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर आॅपरेशन से गजाला ने एक बेटी को जन्म दिया था। घर में दुआओं और खुशियों का दौर शुरू ही हुआ था कि मंगलवार की सुबह काल बनकर आई। अचानक तबीयत बिगड़ने से गजाला और उसकी मासूम बच्ची, दोनों का इंतकाल हो गया।
सदमे में बुजुर्ग नानी ने भी त्यागे प्राण
अभी परिवार इस दोहरे दुख से उबरने की कोशिश ही कर रहा था कि घर पर मौजूद 80 वर्षीय नानी जयगुन के लिए यह सदमा असहनीय साबित हुआ। अपनी लाडली नातिनी और उसकी मासूम बच्ची के बिछड़ने का दर्द वह सह नहीं सकीं और उन्होंने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस घर में बच्ची के आगमन का जश्न होना था, वहां से एक साथ तीन जनाजे उठे तो मंजर देख हर पत्थर दिल भी मोम हो गया। नम आंखों के बीच तीनों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है और हर जुबां पर बस एक ही सवाल है कि क्या नियति सच में इतनी बेरहम हो सकती है?