श्री गोवर्धन महाराज तुम्हारे माथे मुकुट विराज रयो
इगलास। क्षेत्र के गांव नगला हरिकन्ना स्थित लक्ष्मी देवी आईटीआई में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में व्यास काष्र्णीगोपालाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान को भक्त इतने प्यारे हाेते हैं कि वह इस धरा पर अवतार लेकर भक्तों के मध्य रहकर लीला करते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण को लीलाधर भी कहा गया है। उनकी प्रत्येक लीला के पीछे विशेष संदेश होता है। आगे कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए प्रकृति प्रेम के संदेश का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र के घमंड को खत्म करने और जीवन में प्रकृति का अहम स्थान बताने के लिए गोवर्धन पूजा शुरू करवाई थी। इस दौरान कथा प्रांगण में गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना की गई। पूरा प्रांगण श्रीगोवर्धन महाराज तुम्हारे माथे मुकुट विराज रयो की धुन पर जमकर झूमे। कथा के विश्राम पर आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
इगलास में हुआ दीप यज्ञ का आयोजन
शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में प्राचीन शिव मंदिर शंकरानंदपुरी में दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें लोग आचार्य श्रीराम शर्मा के विचारों से लाभांवित हुए। यज्ञ में शिवपूजन के साथ गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा व गायत्री का पूजन किया गया। मुख्य यजमान एलबीके पब्लिक स्कूल के प्रबंधक हरीमोहन अग्रवाल व कृष्णा अग्रवाल रहे। आचार्य हरेंद्र शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन का सार ज्ञान अर्जित करना है। संसार में माता-पिता का सर्वोच्च स्थान है। संतान माता-पिता की सेवा करें यही उनका धर्म एवं कर्तव्य है। मुख्य यजमान ने कहा कि समाज में व्याप्त अनीति, अन्याय, भ्रष्टाचार का आचार्य श्रीराम शर्मा ने एक सूत्र दिया है, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा। इसी सूत्र में सुनहरा संसार बसा है। उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में निरंजन लाल, मनोज, सविता, प्रेमपाल कुशवाह, दिलीप अग्रवाल, देवेंद्र अग्रवाल, गेंदालाल आचार्य, मोनू, हेमू आदि थे।