……. जब फर्जी एसडीएम का असली से हुआ आमना-सामना, पकड़ी गई चालाकी
– खैर तहसील एवं थाने में आए दिन कर्मचारियों पर रौब झाड़कर कराता था लोगों के काम, बदले में वसूलता था रुपये
– पिसावा क्षेत्र के दीवा बझेड़ा का रहने वाला है आरोपी, मैंस की परीक्षा की पास कर सिविल की कर रहा था तैयारी
खैर। कहावत है कि लालच बुरी बला है, इसके बाद भी एक युवक ने कम समय में ज्यादा कमाने की लालसा में न केवल भोले-भाले लोगों को अपनी नायाब ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया बल्कि खुद को एसडीएम बताकर वह सरकारी कर्मचारियों पर भी रौब जमाकर काम कराने लगा । इस बीच शनिवार को खैर तहसील में पहुंचे फर्जी एसडीएम का असली एसडीएम से आमना-सामना हो गया। बातचीत के दौरान हाव-भाव देखकर एसडीएम खैर मोहम्मद अमान को शक हुआ तो उससे पूछताछ शुरू हुई तो वह संतोषजनक जबाव नहीं दे सका । इस पर उससे कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया अौर अपनी सच्चाई बयां कर दी। इस पर आरोपी के खिलाफ थाने में विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।
राैब जमाकर कराता था लोगों के काम,वसूलता था रकम
मूल रूप से थाना पिसावा क्षेत्र के दीवा बझेड़ा निवासी शेखर शर्मा खुद को एसडीएम बताकर अपनी तैनाती सोनभद्र में बताता था । शेखर पिछले कई दिनों से तहसील खैर एवं कोतवाली खैर में अलग-अलग लोगों के काम लेकर आता-जाता था। इस दौरान वह अपना परिचय एसडीएम के रूप में देता था। काम करने में आना-कानी करने पर आरोपी अपना रौब दिखाता था और कार्रवाई कराने की धमकी भी देता था। इस पर कर्मचारी आसानी से उसका मनचाहा काम कर देते थे।
एसडीएम को अपनी बातों में उलझाया
इस क्रम में फर्जी एसडीएम बना शेखर शनिवार को खैर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान कार्यक्रम में एक काम लेकर पहुंच गया । अपनी आदत के अनुसार शेखर ने एसडीएम खैर मो. अमान को खुद को एसडीएम बताते हुए अपना परिचय दिया। बताया कि उसकी तैनाती इन दिनों सोनभद्र जिले में है। एसडीएम मो. अमान उससे बातचीत करने लगे। इसी बीच उन्हें बातचीत के तरीके एवं हाव-भाव देखकर कुछ शक हुअा। उन्होंने उसे बातचीत में उलझा लिया और चुपके से इलाका पुलिस को बुला लिया।
सीओ को भी मिली फर्जी एसडीएम बनकर ठगी करने की खबर
सीओ खैर राजीव द्विवेदी को किसी ने शेखर के फर्जी एसडीएम बनकर लोगों के साथ ठगी करने एवं सरकारी कर्मचारियों पर रौब गांठने की सूचना दे दी । सीओ ने फर्जी एसडीएम बने शेखर से कडाई से बातचीत की और परिचय पत्र मांगा तो वहां दाएं-बांए देखने लगा। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने खुद की सच्चाई उगल दी। आरोपी ने बताया कि वह मैंस की परीक्षा पास कर चुका है और सिविल की तैयारी कर रहा था। तभी उसने फर्जी एसडीएम बनकर लोगों के काम कराने के बदले मोटी रकम वसूलने का काम शुरू कर दिया। अच्छी कमाई होने पर उसका लालच बढ़ने लगा था। इस दौरान वही लोगों पर रौब गालिब करता था। इस पर सीओ ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है कि अब तक उसके कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और बदले मे उनसे कितनी रकम ऐंठी है।
आरोपी को भेजा गया जेल
सीओ खैर राजीव द्विवेदी ने बताया कि खुद को एसडीएम बताने वाले आरोपी शेखर शर्मा तहसील और पुलिस कार्यालय में आकर अपना परिचय एसडीएम के रूप में देता था। अच्छे कपड़े पहने होने एवं गाड़ी से आने पर कर्मचारी उसके झांसे में आ जाते थे। इस दौरान आरोपी कर्मचारियों पर धौंस जमाकर उनसे विभिन्न काम कराता था । कर्मचारियों के काम में देरी अथवा आना-कानी पर शिकायत करने एवं कार्रवाई कराने की धमकी देता था । लोगों से काम कराने के बदले मोटी रकम वसूलता था । आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।