घर-घर जन्मे कृष्ण कन्हैया, बधाइयों का चला दौर
इगलास। नगर और ग्रामीण अंचल इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर नज़र आए। जैसे ही रात्रि के बारह बजे शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच *अजन्मे के जन्म* का पर्व आया, पूरा वातावरण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के स्वर से गूंज उठा। श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य, भजन और उत्सव में लीन हो गए।

भगवान श्रीकृष्ण, जो 16 कलाओं और 64 विद्याओं में पारंगत, धर्म के रक्षक और सुदर्शन चक्रधारी माने जाते हैं, उनके जन्मोत्सव पर हर घर-आंगन में दीप, झूले और फूलों से सजावट की गई। घर-घर में *लल्ला* के जन्म का स्वागत ध्वनि, मिठाई और मंगल गीतों से हुआ।
भव्य सजावट और सांस्कृतिक आयोजन
नगर के मथुरा मार्ग स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में इस बार फूल बंगले का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर की विद्युत सजावट से पूरा परिसर जगमगाता रहा। संध्या समय शुरू हुई भजन संध्या ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रासलीला और सांस्कृतिक झांकियों ने मानो ब्रजधाम का जीवंत चित्र खींच दिया। देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। प्रसाद वितरण से वातावरण और अधिक पवित्र हो गया। इस अवसर पर दिनेश सिंघल, छोटेलाल सिंघल समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दाऊजी महाराज मंदिर में गूंजे जयघोष
सराय बाजार स्थित दाऊजी महाराज मंदिर में भी जन्माष्टमी का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। भजन संध्या में ‘हरे कृष्ण हरे राम’ के स्वर हर ओर गूंजते रहे। मंदिर प्रांगण भक्तों से खचाखच भरा रहा। पूर्व चेयरमैन ओंकार प्रसाद शर्मा, श्यामसुंदर शर्मा सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे और जन्मोत्सव के साक्षी बने।
प्रभात फेरी और व्रत का महत्व

पथवारी मंदिर से सुबह भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें भक्तों ने हाथों में ध्वज और कलश लेकर अपने आराध्य श्रीकृष्ण का यशोगान किया। महिलाएं और पुरुष दिनभर व्रत रखे। आधी रात को जैसे ही भगवान का जन्म हुआ, वैदिक मंत्रों के बीच श्रद्धालुओं ने चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का परायण किया। घर-घर में झूले सजाए गए और कन्हैया लाल को झुलाकर आनंदोत्सव मनाया गया।
भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ इंटरनेट मीडिया
सिर्फ मंदिर और घर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट मीडिया भी इस पावन पर्व की गवाही देता रहा। सुबह से ही जन्माष्टमी की शुभकामनाओं का दौर चलता रहा। मित्रों, परिजनों और परिचितों को शुभकामनाएं भेजने में लोग पूरे दिन व्यस्त दिखे। हर किसी ने अपने ढंग से कृष्ण जन्म के इस अद्भुत पर्व को आत्मसात किया।
