अलीगढ़ महोत्सव में मंगलायतन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक स्टाल का शुभारंभ
-स्टाल पर मेडिकल कैंप के साथ दी जा रही पाठ्यक्रम की जानकारी
इगलास। राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (अलीगढ़ महोत्सव) की रंगारंग चकाचौंध के बीच नेक ए प्लस ग्रेड मंगलायतन विश्वविद्यालय ने अपनी सशक्त शैक्षणिक उपस्थिति दर्ज कराई। महोत्सव परिसर में विश्वविद्यालय की ओर से भव्य शैक्षणिक स्टॉल लगाई गई है। स्टाल पर पैरामेडिकल एवं नर्सिंग विभाग के विद्यार्थियों द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया है, जिसमें ब्लड ग्रुप, ब्लड प्रेशर, शुगर, आक्सीजन लेवल जैसी महत्वपूर्ण जांच की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही कैंप के माध्यम से मंगलायतन अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की जानकारी भी आगंतुकों को दी जा रही है। विशेष आकर्षण के रूप में कृषि विभाग द्वारा तैयार किया गया उन्नत तकनीक आधारित मॉडल प्रदर्शित किया गया है, जबकि फाइन आर्ट विभाग की ओर से कलात्मक चित्रों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है, जो दर्शकों को खूब लुभा रही है।
स्टाल का उद्घाटन कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ महोत्सव जैसे मंच पर विश्वविद्यालय की सहभागिता अकादमिक उत्कृष्टता को समाज के सामने प्रस्तुत करने और विद्यार्थियों व अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि मंगलायतन विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है तथा तकनीकी संसाधनों के माध्यम से उच्च शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। स्टॉल के माध्यम से विश्वविद्यालय के विविध पाठ्यक्रमों, शोध गतिविधियों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और अत्याधुनिक आधारभूत संरचना की जानकारी दी जा रही है। यहां अभिभावक और विद्यार्थी दूरस्थ एवं ऑनलाइन पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न संकायों में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
डायरेक्टर एडमिशन प्रो. सौरभ कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय का प्रदूषण-रहित, हरा-भरा परिसर स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक पुस्तकालय, उन्नत प्रयोगशालाओं और सुदृढ़ प्लेसमेंट व्यवस्था से युक्त है, जो विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करता है। उद्घाटन अवसर पर प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी, प्रो. आरके शर्मा, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. हैदर अली, प्रो. अशोक उपाध्याय, प्रो. जितेंद्र सिंह, मयंक प्रताप सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।