युवाओं की सकारात्मक भूमिका से राष्ट्र होगा सशक्त : राज नारायण
-कासिमपुर स्थित दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर में युवा संवाद बोलें
अलीगढ़ : संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में जुटने के लिए प्रेरित किया। युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है उसका बोध कराया गया। भारत माता और वंदेमातरम के जयघोष से पूरा विद्यालय गूंज उठा।
कासिमपुर पावर हाउस स्थित दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम वंदेमातरम के साथ शुभारंभ हुआ। मुख्य वक्ता और आरएसएस के विभाग सह सेवा प्रमुख राज नारायण सिंह, खंड संघचालक उल्फत सिंह चौहान, प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र कुमार चतुर्वेदी और जिला सह कार्यवाह देवराज शर्मा ने मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित किया। मुख्य वक्ता राज नारायण सिंह ने कहा कि विश्व में भारत सबसे बड़ा युवा शक्ति संपन्न देश है।

यदि यह शक्ति सकारात्मक लग जाए तो फिर भारत 2047 तक निश्चित विकसित राष्ट्र बन जायेगा। युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास को जानने की जरूरत है। हमारे देश में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, रानी हाड़ा, रानी दुर्गावती, रानी पद्मावती जैसी वीरांगनाएं हुई हैं, जिन्होंने राष्ट्र की अस्मिता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, मगर देश पर आंच आने नहीं दी। दुनिया में इतना गौरवशाली इतिहास किसी भी देश में मातृशक्तियों का नहीं है। यहां पर वीरों ने हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल जाना स्वीकार किया। राष्ट्र को प्रथम रखा। हमारा इतिहास वीरता और साहस से भरा हुआ है। प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों के लिए सुनहरा अवसर है। वह मेहनत करके अपनी मंजिल हासिल कर सकते हैं। उल्फत सिंह चौहान ने कहा कि 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों को सावधान रहना चाहिए। क्योंकि यह उम्र उनके जीवन को बदलने वाली होती है। थोड़ा असावधानी बरती तो वह भटक भी सकते हैं। देवराज शर्मा ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष के माध्यम से हम युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस मौके पर प्रचारक जीतू, चेतन वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।