रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

नए सपनों और उम्मीदों के साथ नवदीक्षा में पहुंचे नवप्रवेशित

अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की नई उम्मीदों और सपनों के साथ नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में कदम रखा। अवसर था ओरिएंटेशन कार्यक्रम नवदीक्षा-2026 के शुभारंभ का। दो दिवशीय शुभारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। परिसर में पहुंचते ही विद्यार्थियों में नए परिवेश को जानने और उच्च शिक्षा के सफर की शुरुआत करने का उत्साह नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुआ। देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण के बीच अतिथियों ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद मां सरस्वती की वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक एवं गरिमामय बना दिया।

मेहनत, अनुशासन और संकल्प से सफलता के शिखर तक पहुंचें विद्यार्थी

प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी अलीगढ़ योगेंद्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपने सपनों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। विद्यार्थियों को यहां मिलने वाले अवसरों का पूरी लगन और सकारात्मक सोच के साथ सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने देश के सफल एवं बड़े उद्योगपतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सफलता केवल किस्मत के भरोसे नहीं मिलती। शिक्षा, निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं। जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। आज की मेहनत ही कल की सफलता की नींव तैयार करती है।

सपनों को दिशा देने वाला ज्ञान का मंदिर है मंगलायतन विश्वविद्यालय

द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि अलीगढ़ मेयर प्रशांत सिंघल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मंगलायतन विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को दिशा देने वाला ज्ञान का मंदिर है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों के जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है। उनके सामने नए सपने और नई जिम्मेदारियां हैं। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के त्याग एवं विश्वास का सम्मान करते हुए ऐसा जीवन बनाना चाहिए, जिससे परिवार, शिक्षक और देश को उन पर गर्व हो। भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने ज्ञान, मेहनत और दृढ़ संकल्प से देश का नाम रोशन किया, उसी तरह विद्यार्थी भी अपने सपनों को ऊंचाई तक ले जाएं। सफलता के लिए साधन से अधिक जरूरी है काम के प्रति ईमानदारी और समर्पण। विद्यार्थियों को जो भी करना है, दिल से करें, पूरी मेहनत से करें और सीखने की आदत कभी नछोड़ें। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास में निवेश करने का भी आह्वान किया।

जागृत होकर बड़े सपने देखें, समय का सदुपयोग करें

कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अभिभावकों की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय में प्रवेश के साथ समाप्त नहीं, बल्कि और बढ़ जाती है। वे अपने बच्चों की पढ़ाई, प्रगति और व्यवहार पर निरंतर नजर रखें तथा आवश्यकता होने पर शिक्षकों, मेंटर्स और विश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, शालीन भाषा और गरिमापूर्णवेशभूषा को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अच्छा भोजन, उचित भाषा और संस्कारपूर्ण जीवन व्यक्तित्व निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं। विद्यार्थी सोते हुए नहीं, जागृत होकर बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए समय का सदुपयोगकरें। समय सभी के लिए समान है, इसलिए समय के महत्व को समझना जरूरी है।

अनुशासन और संस्थागत नियमों का करें पालन

कुलसचिव कमांडर मनोज के. ने विद्यार्थियों को कैंपस लाइफ और संस्थागत मूल्यों से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज आप जिस संस्थान में कदम रख रहे हैं, वह आपके व्यक्तित्व, ज्ञान, कौशल और भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां आपको शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल विकसित करने के अनेक अवसर मिलेंगे, जो आपको भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध प्रत्येक अवसर का लाभ का उठाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासन, समय की पाबंदी और संस्थागत नियमों का सदैव पालन करना चाहिए।

डीनएकेडमिक प्रो. अमरीश शर्मा ने गुरु शिष्य परंपरा से अवगत कराते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डायरेक्टर एडमिशन प्रो. सौरभ कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का स्वागत किया।मानविकी संकाय के डीन प्रो. राजीव शर्मा ने आभार व्यक्त किया। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की कुसुम गोयल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और प्रतीक चिन्ह भेंट करके अतिथि स्वागत किया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, डीन रिसर्च प्रो. रविकांत, प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. प्रमोद कुमार, उप निदेशक (प्रशासन) गोपाल राजपूत आदि उपस्थित रहे। संचालन दीपिका बांदिल ने किया।

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