भागवत कथा श्रवण से मानव जीवन हो जाता है धन्य – विजयकृष्ण
ओगर नगला राजू में चल रही भागवत कथा में दूसरे दिन प्रवचन
गभाना। ओगर नगला राजू में चल रही श्रीमद् भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास डा. विजयकृष्ण चतुर्वेदी ने प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत कथा भाग्य वालों को ही सुनने को मिलती है, क्योंकि भागवत ही भगवान से मिलता है। साक्षात कृष्ण स्वरूप श्रीमद् भागवत है। इसका श्रवण करने से जीवन धन्य हो जाता है। वेद वेदांत का जो सार है, वहीं भागवत है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी कथा है कि जिसने जीवन भर पाप किया, जिसका जीवन सदा गलत कामों में फंसा रहा, ऐस व्यक्ति भी अगर एक बार इसका श्रवण कर ले तो उसे पापों से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन गलती को समय रहते सुधार कर प्रायश्चित करना जरूरी है।
ऐसा न होना पाप की श्रेणी में आता है। भागवत कथा जीवन के सत्य का ज्ञान कराने के साथ ही धर्म और अधर्म के बीच फर्क को बताती है। उन्होंने भक्त ध्रुव की अटल भक्ति की कथा के साथ कई प्रेरणाप्रद प्रसंग व भजन सुनाए। जिसे सुनकर कथा पांडाल में उपस्थित श्रोता झूमने पर विवश हो गए।
आयोजन में चंद्रभान शर्मा, बृजेश शर्मा, नागपाल गद्दे वाले, ठा. दीप सिंह, नरेशपाल सिंह, हरीबाबू शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा उर्फ वेदा प्रधान, सुनीता शर्मा, शीला देवी, गीता शर्मा, सीमा शर्मा, मनोज गौड़, ग्रीस शर्मा, संजय शर्मा, संजीव शर्मा, रामप्रकाश, बबली सिंह, अर्जुन सिंह, बीपी सिंह, अभिषेक आदि का सहयोग रहा।