अनूप वाल्मीकि ने जीता मोदी- योगी का विश्वास, अब जनता की अदालत में पहुंचे
- गभाना तहसील क्षेत्र के गांव रकराना के निवासी हैं अनूप
सौरभ शर्मा
अलीगढ़। जिले की गभाना तहसील को एक बार फिर से पड़ोसी जनपद हाथरस में नुमाइंदगी करने का अवसर मिल सकता है। हाथरस लोकसभा (सुरक्षित) संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने इस बार गभाना क्षेत्र के ही दौरऊ निवासी व निवर्तमान सांसद राजवीर दिलेर का टिकट काटने के बाद खैर क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार में राजस्व राज्यमंत्री अनूप वाल्मीकि गभाना तहसील क्षेत्र के गांव रकराना के मूल निवासी है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताते हुए टिकट दिया है। हाथरस में तीसरे चरण में 07 मई को चुनाव होना है। ऐसा माना जा रहा है कि अनूप को जातीय संतुलन बनाए रखने के लिए ही पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा है। चूंकि निवर्तमान सांसद राजवीर दिलेर भी वाल्मीकि समाज से हैं ऐसे मे सजातीय मतदाता नाराज न हो जाए इसको लेकर पार्टी ने उन पर एक बड़ा दांव खेला है।
अनूप का राजनीतिक सफर
अनूप वाल्मीकि गभाना तहसील क्षेत्र के गांव रकराना के एक साधारण परिवार में जन्में हैं। अनूप ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत वर्ष 2005 में पिसावा से जिला पंचायत चुनाव लड़ने के साथ की थी। हालांकि उन्हें मात्र 125 वोटों से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2010 में तहसील गभाना क्षेत्र के ब्लॉक चंडौस की ग्राम पंचायत धर्मपुर- रकराना से ग्राम प्रधान रह चुके हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट से खैर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरे, मगर तीसरे स्थान पर रहकर चुनाव हार गए । भले ही वे चुनाव हारे लेकिन पार्टी नेतृत्व का दिल जीतने में सफल रहे। पार्टी ने उन्हें इसका इनाम देते हुए वर्ष 2012 में ही भाजपा अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बना दिया। अनूप वर्ष 2017 में युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 में ही पार्टी ने उन पर एक बार फिर से भरोसा जताया और खैर क्षेत्र से ही चुनाव मैदान में उतारा। इस बार उन्होंने पार्टी का भरोसा कायम रखते हुए जीत हासिल की । उन्हें चुनाव में लगभग 1.25 लाख वोट मिले। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 1,24,198 वोट पाकर बसपा प्रत्याशी चारूकैन को 74,341 वोटों से हराकर अपनी सीट को बरकरार रखा। वे खैर विधानसभा से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। वैसे अनूप वाल्मीकि पिछले करीब 19 साल से राजनीति में सक्रिय हैं।
योगी मंत्रीमंडल में मिली लाल बत्ती
योगी सरकार में अलीगढ़ से दो विधायकों को मंत्री मंडल में स्थान मिला। इसमें अतरौली से विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को स्वतंत्र प्रभार का राज्यमंत्री बनाया गया। संदीप दूसरी बार मंत्री बने हैं। जबकि खैर से दूसरी बार सबसे अधिक मतों से विजयी बने अनूप वाल्मीकि प्रधान को राजस्व राज्यमंत्री बनाया गया । पिछली योगी सरकार में वाल्मीकि समाज से कोई मंत्री नहीं था, जिसके चलते अनूप वाल्मीकि को मंत्रीमंडल में जगह मिली। इस बार भी अनूप पार्टी नेतृत्व का विश्वास जीतने में सफल रहे । हाथरस सीट से पिछले एक सप्ताह से उनका नाम तेजी से उभर रहा था। उधर, क्षेत्रीय मतदाताओं व कार्यकर्ताओं की नाराजगी का खामियाजा निर्वतमान सांसद हाथरस राजवीर दिलेर को उठाना पड़ा है। पार्टी नेतृत्व ने इस चुनाव में उनका टिकट काटकर हमेशा सौम्य व सरल व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले अनूप वाल्मीकि पर भराेसा जताया है। अब देखना होगा कि अनूप वाल्मीकि हाथरस के मतदाताओं को रिझा पाते हैं अथवा नहीं ? इसका फैसला 07 मई को तीसरे चरण में होने जा रहे चुनाव व 04 जून को मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा। इतना अवश्य तय हो गया है कि हाथरस में मुंकाबला बेहद कड़ा होगा ।
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