गभाना में गोकशी की घटना को लेकर लोगों ने हाईवे को किया था जाम, 154 लोगों पर मुकदमा
गभाना। थाना क्षेत्र के गांव सुमेरपुर व कलुवा मध्य से गुजर रहे पुराने नाले के पास 72 घंटे में दो बार गोकशी की घटना को लेकर आक्रोशित हिंदूवादी संगठन के लोगों व ग्रामीणों द्वारा विगत 25 दिसंबर को पचपेड़ा मोड़ पर दिल्ली-कानपुर हाईवे को जाम कर दिया था। मामले में पुलिस ने जाम लगाने वालों के विरूद्ध 13 दिन बाद कार्रवाई करते हुए चार नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
यह था पूरा मामला
गांव सुमेरपुर व कलुवा के मध्य से गुजर रहे पुराना नाले (गंदा नाला) में 22 दिसंबर की दोपहर में खेतों पर काम करने पहुंचे ग्रामीणों तीन गोवंशों के अवशेष पड़े हुए मिले थे। जिसको लेकर हिंदुवादी संगठन के लोग व स्थानीय ग्रामीणों में रोष पनप गया था। मौके पर पहुंची गभाना व जवां थाना पुलिस ने गुस्साएं ग्रामीणों को समझाते बुझाते हुए जल्द ही गोकशों को गिरफ्तार करने का आवश्वासन देते हुए अवशेषों को जेसीबी मशीन से दफनवा दिया था। मामले में हिंदू रक्षा दल के जिला संयोजक भूपेंद्र राजपूत की ओर से अज्ञात गोकशों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पहली गोकशी की घटना को 72 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि गोकशों ने उसी स्थान पर 24 दिसंबर की रात्रि में चार गोवंशों की गोकशी की घटना को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे डाली थी। 25 दिसंबर की सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो आस-पास के गांव के ग्रामीण व हिंदुवादी संगठनों के हजारों लोग मौके पर एकत्रित हो गए थे।
अवशेषों को लेकर हाईवे पर पहुंचे ग्रामीण
घटना को लेकर ग्रामीणों व हिंदुवादी संगठन के लोगों में आक्रोश पनप गया था। वह मौके पर मिले चारों गोवंशों के अवशेषों को पचपेड़ा मोड़ पर दिल्ली-कानपुर हाईवे पर पहुंच गए थे। उन्होंने सड़क की दोनों लाइनों पर अवशेषों को रख दिया और बीच सड़क पर बैठकर जय श्रीराम के साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे थे। जिससे हाईवे पर दिल्ली व अलीगढ़ की तरफ से आने व जाने वाले वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थी।
घटना की जानकारी पाकर मौके पहुंचे तमाम अधिकारियों ने गुस्साएं ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने, इंस्पेक्टर गभाना के अलावा कलुवा चौकी, भरतरी चौकी, पैराई चौकी व जवां की अमरौली चौकी के सभी पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग करने लगे थे।
एसएसपी ने इंस्पेक्टर को किया था निलंबित
करीब तीन घंटे बाद एसएसपी संजीव सुमन ने मौके पर पहुंचकर लापरवाही बरतने पर तत्कालीन इंस्पेक्टर गभाना गजेंद्र सिंह को निलंबित करने के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों की जांच कराने व गोकशी की घटना करने वाले आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम को खुलवाया था।
चार नामजद समेत 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
मामले में मंगलवार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कंवरपाल सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें बताया गया कि सुमेरपुर गांव के पास गोकशी की घटना को लेकर 25 दिसंबर को कलुवा निवासी रवि लोधी, चंदरौला निवासी मोहित ठाकुर, पं राधे तनु महाराज, निवासी भरतरी हाल निवासी लाल जी धाम आश्रम ब्रज कुंज कालोनी श्री धाम वृंदावन व विनीत निवासी समेत 100-150 अज्ञात लोगों ने बुलंदशहर-अलीगढ़ हाईवे को पचपेड़ा मोड़ पर तीन घंटे तक जाम कर दिया था। जिससे अफरा-तफरी मच गई साथ ही आने-जाने वाले नागरिकों व बीमार व्यक्तियों को कई घंटे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि हंगामा कर रहे लोगों ने भैंस से भरी एक डीसीएम के शीशे तोड़ने के साथ ही चालक के साथ भी गाली-गलौज करते हुए हाथपाई कर डाली थी तथा उसे जान से मारने की धमकी दी थी। सीओ संजीव कुमार तौमर ने बताया कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक कंवरपाल सिंह की तरफ से चार नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों के विरूद्ध बीएनएस 2023 की धारा 115 (2), 352, 351 (2), 285 व आराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 की धारा 7 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।