रणजीत सिंह को कहा जाता था अफगानों का काल
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। युवाओं ने महाराजा रणजीत सिंह के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके वीरता पूर्वक कार्यों का स्मरण किया। अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह का जन्म 13 नवंबर 1780 को सुकरचकिया मिसल के कमांडर महा सिंह के घर संयुक्त भारत के गुजरांवाला में हुआ था। उन्होंने पंजाब को एकजुट करके समृद्ध और सशक्त बनाया तथा लाहौर को अपनी राजधानी बनाया अपने साम्राज्य को अंग्रेजों से दूर रखा था। 18 वर्ष की उम्र में ही वह राजपाट संभालने लगे थे। उन्होंने पूरे पंजाब व कश्मीर सहित, पेशावर, पश्तून, सिंधु और मुल्तान तक अपनी जीत का परचम लहराया। लोग उन्हें अफगानों का काल कहते थे। उनकी सेना को खालसा आर्मी के नाम से जाना जाता था। अमृतसर के हरमंदिर साहिब यानि गोल्डन टेंपल का सौंदर्यीकरण भी उन्होंने करवाया था। इस अवसर पर बाली सिंह, गोपाल सिंह, रिंकू सिंह, सचिन कुमार, प्रशांत, कालू, आकाश, आयुष, सूरज, साधना आदि थे।