वृद्धाश्रम पर धूमधाम के साथ मनाया गया चक्रवर्ती सम्राट महापद्मनंद का जन्मोत्सव
छर्रा। कस्बा स्थित आवासीय वृद्धाश्रम पर शनिवार को ऑल इंडिया महापद्मनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन के तत्वावधान में सविता, सैना व नंद समाज ने चक्रवर्ती सम्राट महापद्मानंद का जन्मोत्सवा धूमधाम से मनाया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनके छविचित्र में पुष्पाजंलि अर्पित कर व मोमवत्ती जलाकर श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर वक्ताओं ने महापद्मनंद के जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए कहा उनकी रणनीति क्षमता के बल पर भविष्य में साम्राज्य स्थापित कर तत्कालीन भारत 16 महाजनपदों में विभक्त था, जिसे सम्राट ने एक कर केंद्रीय शासन प्रणाली के जनक कहलाएं और भारत को चौमुखी समृद्धि व वैभवशाली देश बनाया। उस दौर में भारत सोने की चिड़िया कहलाया। उनके बेटे धनानंद ने झेलम नदी पर यूनानी सम्राट सिकंदर को हराया था। नंद वंश के संस्थापक महापद्मनंद के देश की एकता व अखंडता के लिए किए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न व प्रथम चक्रवर्ती सम्राट महापद्मनंद को यथोचित सम्मान देने की भारत सरकार से मांग की।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम में निवासरत वृद्धजनों के अलावा वरिष्ठ समाजसेवी सुधीर बाबू आर्य, अशर्फीलाल, जगदीश प्रधान, हरीकिशन सूर्यवंशी, यज्ञदेव श्रीवास्तव राम खिलाड़ी सविता, देवी सिंह रुहेला, राकेश वर्मा, चंद्रबोश निराला, सुरेश बाबू संभरिया, डा. कैलाश, हर्षित प्रधान, रामभरोसे, धीरेंद्र सविता, डा. पुष्प कुमार, दिनेश कुमार, श्रीनिवास नंद, सुभाष चंद्र, समर सिंह, आचार्य सूरजपाल राना, महावीर सिंह आदि शाॅल ओढ़ाकर व नंद पदक से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी सुधीर बाबू आर्य व आश्रम संचालक असर्फीलाल रहे जबकि अध्यक्षता रोहतास कुमार नंद ने व संचालन संस्था के अध्यक्ष हरीकिशन सूर्यवंशी ने किया।