शौर्य दिवस के रूप में मनाई महाराणा प्रताप जयंती, गोखले को दी श्रद्धांजलि
परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शौर्य दिवस के रूप में मनाई गई। साथ ही स्वतंत्रता सेनानी एवं नरम दल के प्रमुख नेता गोपाल कृष्ण गोखले की 160वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में ग्रामीण विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए विषम परिस्थितियों में भी अन्याय के सामने न झुकने का संकल्प लिया। संस्था अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, बलिदान, पराक्रम और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। उनका संघर्ष आज भी युवाओं को स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। सुशील चौधरी ने गोपाल कृष्ण गोखले को याद करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और दूरदर्शी विचारक थे। उन्होंने 1905 में सर्वेन्ट्स आफ इंडिया सोसायटी की स्थापना कर युवाओं को सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने उनके जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर टीटू, देव, प्रियांशु ठैनुआं, गौरव चौधरी, आर्यन ठैनुआं, शशांक, आदित्य, सूरज, साधना आदि मौजूद रहे।

महाराणा प्रताप से युवाओं को लेनी चाहिए देशभक्ति की प्रेरणा
घंटरबाग पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 487 वी जयंती तोमर युवा संगठन के द्वारा अर्जुन ठाकुर, अन्नू तोमर, रंजीत तोमर के नेतृत्व में मनाई गई। इस दौरान निकाली गई शोभायात्रा गांव महुआ, रामनगर, जारौठ, चंदफरी, सहारनपुर, अहमदपुर, आसना होती हुई सासनी गेट चौराहे पर संपन्न हुई। अर्जुन ठाकुर ने कहा आज के युवाओं को महाराणा प्रताप से देशभक्ति की शिक्षा लेनी चाहिए उन्होंने आजीवन मुगलों से संघर्ष किया लेकिन कभी उनकी गुलामी स्वीकार नहीं की। इस अवसर पर गौरव शर्मा, धर्मेंद्र तोमर, रूबी जादौन, विवेक जादौन, सुमित तोमर, प्रमोद तोमर, राज ठाकुर, राजकुमार तोमर, शमशेर खान, अरविंद यादव, सचिन ठाकुर, लोकेंद्र, मनीष, राजीव, गीतम सिंह, संजय तोमर आदि थे।