गभाना के राजा दीपेंद्रराज सिंह पंचतत्व में विलीन, शोक में बंद रहे बाजार
गभाना। कस्बे के ऐतिहासिक राजपरिवार (जूनियर स्टेट) के मुखिया राजा दीपेंद्रराज सिंह के असामयिक निधन से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाव उमड़ पड़ा। राजपरिवार के पारंपरिक मुक्तिधाम में पूरे वैदिक विधि-विधान और सामाजिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इससे पूर्व राजा दीपेंद्रराज सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए राजमहल में रखा गया, वैसे ही समूचे क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए उमड़ पड़े। ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में आए लोगों ने नम आंखों से को विदाई दी।
बेटी स्तुति ने मुखाग्नि दे निभाया बेटे का फर्ज
अंतिम संस्कार के दौरान एक अत्यंत भावुक और मर्मस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला जब राजा साहब की सुपुत्री स्तुति सिंह ने सदियों पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं को दरकिनार करते हुए एक बेटे का फर्ज निभाया। उन्होंने अपने पिता की अर्थी को न केवल कंधा दिया, बल्कि मुक्तिधाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें मुखाग्नि भी दी। बेटी के इस साहसिक और विह्वल कर देने वाले कदम को देखकर मुक्तिधाम में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। वहां उपस्थित जनसमुदाय और प्रबुद्धजनों ने बेटी स्तुति सिंह के इस कदम की सराहना करते हुए इसे आधुनिक समाज के लिए एक प्रेरणादायी, सकारात्मक और प्रगतिशील संदेश बताया। लोगों का कहना था कि बेटियां आज के दौर में हर जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
शोक में बाजार रहा बंद
राजा दीपेंद्रराज सिंह के सम्मान और शोक में कस्बे का मुख्य व्यापारिक केंद्र लाखा बाजार पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों ने स्वतः स्फूर्त अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर क्षेत्र के जनप्रिय राजा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। व्यापार मंडल और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
राजमहल पहुंचे दिग्गजों ने बंधाया ढांढस
इस दुखद सूचना पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ ठा. नेता श्यौराज सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि राजमहल पहुंचे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और राजा साहब के अवसान को क्षेत्र, समाज और राजनीति के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
अंतिम विदाई में ये रहे मौजूद
इस अत्यंत दुखद और भावुक क्षण में राजपरिवार के कुंवर विजय राज सिंह, चेयरमैन कुंवर अभिमन्यु राज सिंह, अनिल सारस्वत, अधिवक्ता हर्षवर्धन सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह राणा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशपाल माहौर, कुंवर मोरध्वज सिंह, कुंवर आनंदवर्धन सिंह, सचिन चौधरी, अंकित सिंह, डॉ. बिजेंद्र सिंह, भोलाशंकर वर्मा, रोहित वर्मा, धर्मेंद्र सिंह, एडवोकेट विनेश कुमार सिंह, बेबी सिंह प्रधान, नीरज सिंह, पंकज कौशिक, ज्ञानेंद्र सिंह नेताजी, जितेंद्र शर्मा जीतू, अनिल प्रधान, देवकीनंदन पांडे, देवेंद्र शर्मा, नवीन गुप्ता, योगेश सिंह, रंजीत सिंह सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता, व्यापारी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।