भविष्य में हथियारों के बजाय बौद्धिक संपदा के अधिकार के लिए होंगे युद्ध
अलीगढ़।मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता मिशन के तहत नवाचार परिषद संस्थान वआईपीआर सेल के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय ‘बौद्धिक संपदा अधिकार’ जागरूकता था। जिसमें विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा के विषय में जागरूक किया गया।

शुभारंभ मुख्य अतिथि भारत पेटेंट अटॉर्नी नेहा गोयल, समन्वयक प्रो. रविकांत, प्रो. अशोक पुरोहित, प्रो. देवप्रकाश दहिया ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेहा गोयल ने कहा कि भविष्य में सभी देशों के बीच हथियारों के बजाय बौद्धिक संपदा के अधिकार के लिए युद्ध होंगे। जो देश सबसे पहले पेटेंट कराएगा, उस वस्तु का मालिकाना हक उसी देश के पास होगा। अगर आप संबंधित वस्तु का व्यापार करना चाहते हैं तो आप चाह कर भी अपने देश में व्यापार नहीं कर सकते। इसके लिए आपको पेटेंट कराने वाले व्यक्ति से अनुमति लेनी पड़ेगी, जिसके लिए आपको धनराशि भी देनी होंगी। उन्होंने बौद्धिक संपदा के बारे में विस्तार से चर्चा की और पंजीकरण प्रक्रिया के विषय में भी बताया। प्रो. रविकांत ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय के अध्यापकों और विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकार के विषय में जागरूक करना था। कार्यशाला को लेकर विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे। मुख्य अतिथि को गुलदस्ता भेंट कर डा. पूनम रानी व डा. सोनी सिंह ने स्वागत किया। डा. राजेश उपाध्याय ने आभार प्रकट किया। वहीं कुलसचिव बिग्रे. समरवीर सिंह व परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर प्रो. आरके शर्मा, प्रो. कामरान, डा. विकास शर्मा, डा. संतोष गौतम, मोहन माहेश्वरी, लव मित्तल, टीएस राजपूत, राजेश पंचसरा, जितेंद्र यादव, रामगोपाल आदि थे।