भागवत अहंकार रहित जीवन जीने की कला सिखाती है
हसनगढ़ में श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य राजीवकृष्ण भारद्वाज के प्रवचन
इगलास। भागवत कथा मनुष्य को अहंकार रहित जीवन जीने की कला सिखाती है। उक्त प्रवचन क्षेत्र के गांव हसनगढ़ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य राजीवकृष्ण भारद्वाज ने कहे। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का सुनने का व्यक्ति जब संकल्प करता है उसी समय परमात्मा उसके हृदय में आकर निवास कर लेते हैं। भगवान की कथा ऐसी है इसका ज्यों-ज्यों पान करते हैं त्यों-त्यों इच्छा बढ़ती जाती है। कथा रस कभी घटता नहीं निरंतर बढ़ता रहता है। नित्य नए आनंद की अभिवृद्धि होती रहती है। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है। प्रभु का अवतरण होता है। आचार्य ने कृष्ण जन्म पर नंदोत्सव की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा पंडाल में लोगों ने खुशियां मनाते हुए मंगल गीत गाए। धर्म प्रेमियों ने बाल कृष्ण की आरती उतार प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर बृजमोहन शर्मा, सुरेशचंद्र शर्मा, लक्ष्मी नारायण कौशिक, श्यामबाबू, रामबाबू, शिवकुमार शर्मा, रवेंद्र कुमार, मोहित शर्मा, विजय कौशिक, जगदीश चौधरी, कारे सिंह आदि थे।