रॉयल स्टार न्यूज : अलीगढ़ और गभाना क्षेत्र से इस समय की प्रमुख खबरें...

पहलवानों को न्याय न मिला तो किसान करेंगे आंदोलन – राकेश टिकैत

- टप्पल इंटरचेंज पर भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में भाजपा सरकार पर जमकर बरसे राष्ट्रीय प्रवक्ता

– कहा सरकार खुद ही मिटा रही है तो कहां से मिलेंगे सबूत

– भाजपा सरकार ने किसानों को फ्री बिजली देने का झूठा वायदा देकर किया छलावा

जट्टारी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब चुनाव आते हैं तो घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। इस बार भी बिजली फ्री देने और किसानों का कर्ज माफ करने जैसे वादे घोषणा पत्र में शामिल किए गए थे। लेकिन सरकार आने के बाद इन वादों का कहीं भी अता पता नहीं चल रहा है। गलत नीति के तहत किसानों की नलकूपों पर जबरन मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार मौन बैठी हुई है। उक्त बातें उन्होंने गुरुवार को टप्पल इंटरचेंज पर हुई भाकियू की महापंचायत के दौरान कहीं। उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार पहले धर्म की राजनीति करती थी, अब जातिवाद की भी राजनीति करने लगी है। उन्होंने कहा कि वह किसी सरकार के खिलाफ नहीं है। जो भी सरकार गलत फैसले लेगी और आमजनों व किसानों को नुकसान पहुंचाएगी। तो वह उस सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे और उनके गलत फैसलों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अलावा चाहे वह छत्तीसगढ़ हो या फिर और कोई राज्य, जहां भी सरकारों ने गलत फैसले लिए हैं। किसानों ने न्याय के लिए आंदोलन किया है और आगे भी करते रहेंगे।

पहलवानों को न्याय न मिला तो देश में किसान करेगा जन आंदोलन

उन्होंने कहा कि जब तक पहलवानों को न्याय नहीं मिलेगा। किसानों का आंदोलन भी जारी रहेगा। वह बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे। इस आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए ही सोरम मुजफ्फरनगर में खाप पंचायत की जा रही है। जैसे ही इसका निर्णय हो जाएगा, किसान पूरी तरह से अपना आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि पहलवानों को न्याय दिलाने के लिए देश का हर किसान उनके साथ खड़ा हुआ है।

सांसद को बचाने के लिए सरकार खुद मिटा रही है सबूत

सांसद बृजभूषण पर लगे पॉस्को एक्ट के मामले में दिल्ली पुलिस को समुचित साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस पर राकेश टिकैत ने कहा कि जब सरकार खुद ही सबूत मिटाने पर तुली हुई है तो ऐसे में सबूत कैसे मिलेंगे, लेकिन न्याय के लिए आंदोलन कर रहे पहलवानों के साथ किसान हैं। अब उनके लिए आंदोलन करना पड़ेगा तो वो भी किया जाएगा।

11 सूत्रीय मांगों को दोहराया

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने संबोधन में ग्यारह सूत्रीय मांग दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपने वायदों के अनुसार किसानों के नलकूप को निशुल्ल बिजली मुहैया कराए, यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा 64 प्रतिशत धन तथा 7 प्रतिशत भूखंड दिया जाए, टप्पल टाउनशिप हेतु  किसानो की भूमि का मुआवजा दिया जाए, टप्पल लालपुर ग्राम सभा द्वारा आवंटित भूमि संक्रमण भूमि के पट्टे वापस खतौनी में दर्ज किए जाए, टप्पल की आबादी का प्राधिकरण द्वारा सीमांकन किया जाए तथा अपनी जमीन पर बनाए गए मकानों को वैध घोषित किया जाए, निराश्रित एवं आवारा पशुओं की व्यवस्था की समुचित व्यवस्था की जाए, किसानों की फसल के नुकसान की क्षति पूर्ति दी जाए, सुविधा शुल्क बंद किया जाए, टप्पल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला प्रसव हेतु महिला चिकित्सक की व्यवस्था की जाए, रवि एवं खरीफ फसल को नहरों में समुचित पानी छोड़ा जाए, टप्पल नगर पंचायत का निरस्तीकरण के बाद भी राजस्व विभाग द्वारा लिया जा रहा दो प्रतिश स्टांप शुल्क तुरंत बंद किया जाए, सेना में भर्ती पद्वति बंद की जाए तथा पूर्व कीतरह सैनिक भर्ती की जाए।

किसान नेताओं में मंच पर हुई नौंक-झौंक

किसानों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी मंच पर पहुंचकर समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन देने लगे। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा समस्याओं का तत्काल समाधान न होने पर नाराज होकर बिफर पड़े। मंच पर किसान नेताओं में अापस में नौंक-झौंक होने लगी। जिसे देख वहां मौजूद किसान पंचायत को छोड़कर चले गए। दोनो किसान नेताओं की नोकझोंक को लेकर तरह तरह की चर्चा होने लगी।

ये रहे मौजूद

भाकियू जिलाध्यक्ष राकेश प्रजापति कासगंज, सत्यदेव पाठक हाथरस, रविंद्र एटा, मनु चौधरी, उधम सिंह, मनवीर सिंह्र गुलजार सिंह बापू, धर्मेंद्र, बंटी शर्मा, वीरकरण फौजी, रनवीर यादव, जगराम, रुद्रसिंह, विजय सिंह, गौरव, अंकुश, जगदीश यादव, मुस्तकीम पठान, राजवीर सिंह, मलखान सिंह, बुद्धा प्रधान, गजेंद्र परिहार, रणवीर चाहर आदि मौजूद रहे।

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!