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खाद्य सुरक्षा के प्रति क्यों है जागरुक होने की जरुरत

इगलास के गांव तोछीगढ़ में मनाया गया खाद्य सुरक्षा दिवस

इगलास। खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में किसानों एवं आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। संस्था के सदस्यों ने ग्रामीणों और किसानों को भोजन की बर्बादी रोकने तथा सुरक्षित व पोष्टिक भोज्य पदार्थ उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक किया और साथ ही किसानों से फसलों में अनावश्यक रूप से रासायनिकों का प्रयोग ना करने की अपील भी की।

संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने किसानों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में खानपान का रोल सबसे खास होता है। लेकिन लोगों की जरूरतों को देखते हुए अब कई सारी चीज़ों को बनाने और उगाने का तरीका बदल चुका है। उनमें तरह-तरह के केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं। तो लोगों को दूषित भोजन और पानी के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल को 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों को खराब और दूषित खानपान के प्रति जागरूक करना होता है। असुरक्षित खानपान से सेहत संबंधी हैजा, टाईफाइड आदि कई सारी बीमारियों के होने का खतरा होता है। ऐसे में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का मकसद और भी बढ़ जाता है। खाद्य सुरक्षा के तहत खानपान से होने वाले खतरों को रोकना, मिलावटी चीज़ों का पता लगाना और इनके बारे में लोगों को बताकर उन्हें सेहत के प्रति जागरूक बनाना है। इस साल इसकी थीम है ‘खाद्य मानक जीवन बचाते हैं। इस थीम के जरिए लोगों को खाने के लिए तय मानकों का महत्व समझाना है। 7 जून, 2019 को पहली बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से मनाया गया था। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सुरक्षित खाद्य मानकों को बनाए रखने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना और खाद्य जनित बीमारियों के कारण होने वाली मौतों को कम करना है। खाद्य सुरक्षा, किसानों, व्यापारियों एवं सरकार समेत हम सब की एक साझा ज़िम्मेदारी है। इस अवसर पर सत्यप्रकाश शर्मा, धर्मवीर सिंह, किशनवीर सिंह, जुगनू सिंह, जगवीर सिंह, दिनेश कुमार, सुशील चौधरी, गौरव चौधरी, पवित्र शर्मा, भानु प्रताप सिंह, असगर खान, लोकेश वार्ष्णेय, रिंकू, प्रशांत ठैनुआं, प्रियांशु ठैनुआं, चित्तर सिंह आदि मौजूद रहे।

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