एसडीएम के खिलाफ क्यों लामबंद हुए अधिवक्ता ?
- साथी अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप, कोर्ट से न्यायिक कार्य से विरत रहने का लिया निर्णय
खैर । एसडीएम मोहम्मद अमान पर अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने एवं तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है।
इस क्रम में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने आपातकालीन बैठक की। जिसमें साथी अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने पर एसडीएम मोहम्मद अमान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने घटना के विरोध में हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार भी कर दिया। उन्होंने मांग रखी कि एसडीएम का स्थानांतरण ना होने तक वे न्यायिक हड़ताल पर रहेंगे।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम नियमित रूप से कोर्ट में नहीं बैठते है। तहसील में उनके चार्ज संभालने के बाद से ही भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं एवं जनता के प्रति अनुचित व्यवहार एवं तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके लिए आंदोलन भी किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात कर एसडीएम की शिकायत और उन्हें हटाने की मांग करेगा।
बैठक में दि सिविल बार एसोसियेशन के अध्यक्ष बलवीर सिंह दिसवार एडवोकेट, महामंत्री भूपेन्द्र शर्मा, रघुकूल तिलक गौड़ एड., शिशुपाल शर्मा, संतगिरि,बृजवासी लाल,अमर सिंह,मानवेन्द्र सिंह,सतेन्द्र शर्मा,अमर सिंह,श्याम कुमार,प्रदीप चौहान,सत्यपाल सिंह,मुकेश,अनिल,प्रेमपाल शर्मा,संजय सारस्वत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।