जलभराव की शिकायत पर DM को आया गुस्सा, DPRO को समाधान कराने के दिए निर्देश
- खैर तहसील में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस
खैर। तहसील सभागार में शनिवार को डीएम इंद्रविक्रम सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान तमाम जिलास्तरीय अधिकारियों ने पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराया।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि शासन की जन शिकायतों व जन समस्याओं का निस्तारण कराना मुख्य प्राथमिकता है। संपूर्ण समाधान दिवस, जनसुनवाई, आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से आने वाली जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान कराने में तत्परता दिखाएं। उन्होंने कहा कि शासनस्तर पर अधिकारियों द्वारा कराए गए शिकायतों के निस्तारण की निगरानी की जाती है,
शिकायतकर्ता के मोबाइल पर वार्ता कर निस्तारण के गुणवत्ता की वास्तविता जानी जाती है। कार्यक्रम में चौधावा के मुकेश कुमार ने गांव में जलभराव की समस्या की शिकायत की। जिस पर डीएम का पारा गुस्से में चढ़ गया। उन्होंने डीपीआरओ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम में बार-बार निर्देशित किया जा रहा है कि कहीं भी जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। फिर भी समस्या बनी हुई तो घोर लापरवाही है। शीघ्र जल निकासी कराने के निर्देश दिए।
गोदोंली निवासी प्रीति ने दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा कि पथरी के चलते पेट में दर्द होने पर कस्बा के निजी डॉक्टर सोनू ने अलीगढ-पलवल मार्ग स्थित मानवी अस्पताल में ऑपरेशन किया था। जिस पर उसकी तबियत अधिक खराब हो गई, जब वह जेएन मेडिकल कॉलेज में पहुंची तो वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान गलत नसें काटने की जानकारी दी गई। जिस पर डीएम ने सीएमओ डाॅ. नीरज त्यागी को टीम गठित कर जांच करने व पीड़िता का निशुल्क उपचार कराने के निर्देश दिए।
वहीं खंडेहा के घनश्याम ने तहसीलदार न्यायालय से 6 वर्ष गुजर जाने के बाद भी पत्रावली जिलाधिकारी न्यायालय में न पहुंच पाने व पत्रावली गुम हो जाने की शिकायत की। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तहसीलदार का स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस से जुड़ी समस्याएं एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सुनी। कार्यक्रम में तमाम जिला व तहसीलस्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।