भोले की भक्ति में डूबे रहे श्रद्धालु, भुमियां बाबा मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
गभाना। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। ऐसा इसलिए क्योंकि पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन के महीने में कठोर तपस्या की और इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी यह मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद दिया था। इसलिए मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की उपासना करने से वह आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। एक कथा यह भी प्रचलित है कि भगवान शिव सावन के महीने में धरती पर आकर अपने ससुराल जाते हैं। जहां उनका स्वागत किया जाता है। इसलिए उनके स्वागत के लिए शिव भक्त जलाभिषेक अथवा रुद्राभिषेक करते हैं।
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि सावन मास में ही देवता और असुरों द्वारा समुद्र मंथन किया गया था। जिसमें हलाहल विष विश भी निकला था। यह ऐसा विष था जिससे पूरे सृष्टि को सर्वनाश निश्चित था। इसलिए संसार के उत्थान के लिए भगवान शिव ने स्वयं उस विष को कंठ में धारण कर लिया था। इसलिए उन्हें नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। सभी देवताओं ने विष के वेग को कम करने के लिए शिवजी पर जल का अभिषेक किया था। यही कारण है कि सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से, वह जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं भक्तों की सभी प्रार्थना सुनते हैं। इसी आस्था को लेकर सावन के छठवें सोमवार को तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।
इसी क्रम में श्रावण मास में आस्था का प्रमुख केंद्र बिंदु बनने वाले गांव कन्होई में रेलवे लाइन के सहारे बने श्री सिद्धनाथभुमियां बाबा आश्रम पर छठे सोमवार को भक्तों का अपार जनसैलाब बाबा के जलाभिषेक व उनकी पूजा-अर्चना को उमड़ पड़ा। इसके चलते मंदिर परिसर दिनभर बाबा के जयकारों वघंटे-घड़ियालों से गूंजतारहा। भोर की पहली किरण से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पर आने का सिलसिला दिन बढ़ने के साथ ही शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में बाबा की समाधि, प्राचीन कुआं व अन्य मंदिरों में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की और भोग-प्रसाद चढ़ाकर मनौतियां भी मांगी। वहीं मंदिर बाबा के जय जयकार के साथ घंटे-घड़ियालों से गुंजायमान रहा। उधर सांस्कृतिक स्थल पर डीजे पर बज रहे भजनों पर भक्तजन झूमते नजर आए। मेले में सजे खेल-कूद तमाशों का भी लोगों ने खूब आनंद उठाया। इंस्पेक्टर राम कुंवर सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स व पीएसी बल शांति व्यावस्था बनाए रखने में जुटा रहा।
