आचार्य रामचंद्र शुक्ल की मनाई जयंती
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा हिंदी साहित्य जगत के छायावादी युग के साहित्यकार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की 139 वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान पदाधिकारियों व छात्रों ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहित्य के क्षेत्र में अहम योगदान को याद किया गया।
अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि रामचंद्र शुक्ल नवीन समीक्षा पद्धति के प्रवर्तक थे उन्होंने विचारपूर्ण विषयों को अपने निबंधों का विषय बनाया था। उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक है हिंदी साहित्य का इतिहास। इनकी विलक्षण प्रतिभा के कारण ही इनके समकालीन हिंदी गद्य काल को शुक्ल युग के नाम से संबोधित किया गया। इस अवसर पर विशाल, संदीप चौधरी, गगन चौधरी, रंजीत सिंह, भानु चौधरी, नीरज, यश, सूरज आदि थे।