गभाना थाना व तहसील पर पोथी मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने किया धरना प्रदर्शन, हाईवे पर लगाया जाम
गभाना। क्षेत्र के गांव पोथी में पिछले बुजुर्ग किसान के साथ चप्पलों से मारपीट करते हुए गलेवान पकड़ कर गांव में घुमाने व सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने सोमवार को पूर्व में निर्धारित महापंचायत के एलान के बाद पहले थाना परिसर में फिर तहसील पर धरना प्रदर्शन किया। अधिकारियों से संतोषजनक जबाब न मिलने पर उन्होंने करीब एक घंटे तक गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे को जाम कर दिया। वह आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा इंस्पेक्टर गभाना, सीओ व घटना में संलिप्त इगलास में तैनात कानून गो पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंच उच्च अधिकारियों ने पहुंचकर मामले में शीघ्र ही आरोपितों की गिरफ्तारी करने व लापवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया आैर जाम को खुलवा दिया।
बता दें कि गांव पोथी निवासी बुजुर्ग किसान शेर सिंह चौहान के साथ उनकी कृषि भूमि खाली कराने को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने मारपीट पर डाली थी। जिसकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हाे रही थी, जिसमें आरोपी बुजुर्ग किसान का गलेवान पकड़कर खींचकर ले जा रहे थे और महिलाएं चप्पलों से पिटाई कर रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न संगठनों के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी ने होने पर महापंचायत करने का ऐलान किया था।
जिस पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन भानू गुट, महाराणा प्रताप संगठन, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, किसान मजदूर संगठन, सर्वण समाज, राष्ट्रवादी प्रताप सेना, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना समेत दर्जनभर से अधिक संगठनों के सैंकडों कार्यकर्ता व पदाधिकारी एकत्रित होकर गभाना थाना पर पहुंच गए और फर्स डालकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पीड़ित किसान को न्याय दिलाने की मांग की।
सीओ एलआइयू एके सिसौदिया ने पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से मौजूद लोगों को अवगत कराया, जिस पर किसानों व विभिन्न संगठनों के लोगों असंतुष्ट नजर आए और वह पैदल मार्च करते हुए तहसील मुख्यालय पर पहुंच गए। उन्होंने तहसील के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसान मजदूर संगठन के अजीत सिंह राघव ने किसान के साथ घटना की निंदा करते हुए इंस्पेक्टर व सीओ पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष कृष्णा ठाकुर ने आरोप लगाया कि थाना में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, यहां पर बिना रुपयों के कोई भी काम नहीं होता है, यही वजह है कि घटना के 12 दिन गुजर जाने के बाद भी आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपना तानाशाही रवैया दिखाते हुए महापंचायत में आने वाले पदाधिकारियों को नजरबंद व रोकने का प्रयास किया।
महाराणा प्रताप संगठन के मुनेंद्र ठाकुर ने कहा कि यदि यह घटना किसी विशेष वर्ग के व्यक्ति के साथ घटित होती तो पूरा प्रशासन इसका संज्ञान लेते हुए आरोपियों के रिश्तेदारों एवं परचितो को भी गिरफ्तार कर लेता। जबकि इस घटना के 11 दिन बाद एसडीएम व सीओ पीड़ित के जाकर मिले हैं।
प्रदेश प्रभारी डॉ. शीलेंद्रपाल सिंह ने कहा कि पीड़ित किसान को आरोपियों ने कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया, पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर को भी बदलवा दिया गया, आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर उनकी छवि को खराब किया, लेकिन पुलिस ने अभी तक न तो अपहरण की धारा बढ़ाई और न ही आरोपियों को अभी तक पकड़ा है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली व सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की।
जब पंचायत में उनकी समस्याओं को कोई समाधान न निकला तो गुस्साएं लोगों ने तहसील के सामने गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे को जाम कर दिया। जिससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, एडीएम प्रशासन पंकज सिंह, एसडीएम केबी सिंह ने गुस्साएं लोगों को काफी समझा-बुझाया, लेकिन वह आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही सीओ सुमन कनौजिया इंस्पेक्टर रामकुंवर सिंह, व घटना में मास्टरमाइंड इगलास में तैनात कानून गो श्रीकांत के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। जिस पर अधिकारियों ने 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया और जाम को खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक हाईवे जाम रहा।
इस मौके पर मुकेश रावल, अनुज प्रताप सिंह,सौरभ तोमर, अखिलेश तोमर, विवेक सिंह, अश्वनी सिंह, राजकुमार चौहान, गोपाल सिंह एडवोकेट, वेदप्रकाश शर्मा, दीपक सिंह, संजय चौहान, देववृत चौहान, सुधीर ठाकुर, प्रमोद गौड़, रिंकू ठाकुर, संजू प्रधान, शीलू ठाकुर, जिपं सदस्य जगजीत सिंह फौजी, डैनी ठाकुर, मोंटी जादौन, कुलदीप सिंह, गजराज लवानिया, सोनू पंडित, प्रेम शर्मा, हरीश प्रताप सिंह, दिग्विजय सिंह, लता अग्रवाल, दीपक सिंह, जीतू, गोविल जादौंन, ओमपाल सिंह, पिंकी ठाकुर आदि मौजूद रहे।