चंडौस में दिन भर हंगामे के बाद शाम को बनी रामलीला की सहमति
-राज्यमंत्री और सांसद के अश्वासन के बाद धरना किया समाप्त
-डीएम एसएसपी ने पुलिस की एफआईआर में कमेटी की तहरीर शामिल करने का दिया आश्वासन
-कमेटी की तहरीर पर कार्रवाई शुरू होने के आश्वासन के बाद रामलीला का शुरू हुआ मंचन
चंडौस। कस्बे में राम बारात पर हुए दो समुदायों के विवाद के बाद सोमवार को भी पूरे दिन तनाव की स्थिति बनी रही। हिंदूवादी दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे और उन्होंने थाने का घेराव किया। इसके साथ ही उन्होंने चंडौस- दौराऊ मार्ग को भी बाधित रखा और करीब 6 घंटे तक यह मार्ग बाधित रहा। शाम को डीएम- एसएसपी पहुंचे और उन्होंने कमेटी की तहरीर को एफआईआर में शामिल कराया गया। तब जाकर रामलीला का मंचन फिर से शुरू किया गया।
चंडौस में राम बारात रोकने को लेकर हुए बवाल में रामलीला कमेटी की ओर से रविवार को ही तहरीर दी गई थी। जिसमें कमेटी के लोगों ने 31 नामजद समेत 120 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने इस तहरीर को किनारे करते हुए घायल व्यक्ति से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस की ओर से भी मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें दोनों पक्षो के अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। कमेटी का मुकदमा न दर्ज होने से हिंदूवादियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने सुबह ही थाने का घेराव करके मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जिसके बाद पूरे दिन हंगामा चलता रहा।
सांसद-मंत्री को करना पड़ा विरोध का सामना, फिर मिला आश्वासन
हिंदुवादियों के आक्रोश को देखते हुए सांसद सतीश गौतम और राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दोनों का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने सांसद के दूसरे दिन मौके पर पहुंचने को लेकर नाराजगी जताई और सांसद गोबैक के नारे लगाना शुरू कर दिया। राजस्व राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण शांत हुए। उन्होंने चंडौस ब्लाॅक कार्यालय में बैठकर कमेटी व हिंदूवादी लोगों से बातचीत की। यहां राज्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह से बात करके लोगों को आश्वासन दिया कि शाम तक उनका मुकदमा दर्ज होगा। जिसके बाद लोगों ने शाम 6 बजे तक धरना स्थगित करने की घोषणा की।
जिसके बाद डीएम और एसएसपी शाम को ही चंडौस पहुंच गए और फिर उन्होंने तहरीर को एफआईआर में शामिल कराने व आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर लाेग शांत हुए। शाम को पुलिस की ओर दर्ज एफआईआर में कमेटी की ओर से दी गई तहरीर को शामिल कर लिया गया। जिसके बाद आयोजकों ने रामलीला मंचन शुरू करा दिया।
राम बारात के दौरान हुआ था हंगामा
रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रविवार को राम बारात निकाली जा रही थी। इस दौरान एक समुदाय के लोगों ने अपने धार्मिक स्थल के सामने इसे रोक दिया था और राम बारात निकालने का विरोध किया था। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने पथराव किया और लाठी-डंडे और तलवार लेकर हमला कर दिया। इसमें करीब छह लोग घायल हो गए थे, एक युवक के काफी चोटें आई थी। गुस्साएं हिंदुत्वादी लोगों ने रात को थाने का घेराब करने के साथ ही चंडौस-दौरऊ मार्ग को रोक दिया था। मामले में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा की ओर से 31 लोगों को नामजद समेत 150 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। सुबह पुलिस ने घायल युवक की तहरीर पर महज मारपीट में तथा पुलिस की ओर से दोनों पक्षों पर बलवा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया था। जिसके बाद आक्रोश बढ़ गया।

पूरे दिन बंद रहे चंडौस के बाजार
राम बारात पर हमले के विरोध में चंडौस क्षेत्र के बाजार पूरे दिन बंद रहे। व्यापारियों ने घटना का विरोध किया और वह आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से कमेटी के साथ हैं और जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह अपना विरोध जारी रखेंगे। लेकिन शाम को अधिकारियों ने आश्वासन देकर लोगों का गुस्सा शांत कर दिया।