अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ बदलने का प्रस्ताव पास, नगर निगम की बोर्ड बैठक में हंगामे के बीच लगी मुहर
अलीगढ़। अलीगढ़ का नाम ‘हरिगढ’ बदलने के लिए मंगलवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में मुहर लगा दी गई। भाजपा पार्षदों ने इसके लिए प्रस्ताव रखा और भारी विरोध के बाद बोर्ड ने इस फैसले पर मुहर लगा दी। विपक्षियों ने इसका जमकर विरोध भी किया, लेकिन भाजपा पार्षदों की बहुमत होने के चलते इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। नगर निगम के इस प्रस्ताव को सारी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शासन को भेजा जाएगा। शासन से मुहर लगने के बाद जिले का नाम बदला जा सकेगा।
मंगलवार को अलीगढ़ नगर निगम के सदन की पहली बोर्ड की बैठक थी। बैठक में पहले पार्षदों ने क्षेत्र में काम न कराने व नगर निगम पर भष्टाचार के आरोप लगाए गए। इसके बाद भाजपा पार्षद संजय पंडित ने अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ रखने का प्रस्ताव रख दिया। जैसे ही यह प्रस्ताव रखा गया, एक साथ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पार्षद दो मतों में बंट गए। कुछ पार्षद इस प्रस्ताव का विरोध करने लगे तो कुछ इस प्रस्ताव की पैरवी करने लगे। बाद में भाजपा पार्षदों की संख्या अधिकत होने के पर विरोध के बीच अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ बदलने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।
शासन की मुहर लगने पर बदला जा सकेगा नाम
नगर निगम बोर्ड के अध्यक्ष और मेयर प्रशांत सिंघल ने बताया कि जल कर और हाउस टैक्स की मांगों के अलावा, बोर्ड में रखे गए सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए हैं। इसी में अलीगढ़ का नाम बदलने का प्रस्ताव भी था, जो स्वीकृत हो गया है। इसे शासन को भेजा जाएगा। जहां से अंतिम मुहर लगने के बाद ही नाम बदला जा सकेगा। वहीं भाजपा के पार्षद संजय पंडित ने बताया कि अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने के लिए लंबे समय से मांग चल रही है। यह ब्रज की धरती है और इसका पुराना नाम भी यही रहा है। जिसके चलते इसका नाम भी बदला जाना चाहिए। हमने इसका प्रस्ताव सदन में रखा गया था।