चंडौस। कस्बा के रामलीला वाली गली में एक युवक ने फांसी के फंदे पर लटकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों बिना कोई कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
कस्बा निवासी रवि शर्मा किसान हैं। सोमवार सुबह वह खेतों पर गए हुए थे, जबकि पत्नी दवा लेने के लिए अलीगढ़ गई हुई थी। घर पर केवल उनका इकलौता 23 वर्षीय बेटा हिमांशु उर्फ कान्हा था। इसी बीच किसी बात से नाराज होकर हिमांशु ने कमरे में पंखा पर साड़ी के फंदे पर लटकर खुदकशी कर ली।
कुछ देर बाद जब हिमांशु की दादी घर पर पहुंची तो उसे फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल पड़ी। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग पर परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने हिमांशु को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
शादी की खुशियां मातम में बदली
हिमांशु की चार मार्च को बरात जानी थी। जिसकी तैयारियों में परिवार के लाेग हंसी-खुशी जुटे हुए थे। शादी का अधिकांश सामान भी खरीदा जा चुका था। ेलेकिन हिमांशु के इस आत्मघाती कदम ने सभी परिजनों की खुशियाें को मातम में बदल दिया। मां रोते-रोते बेसुध हो जाती और होश आने पर कहती कि बेटा ऐसी कौन सी बात हो गई जो इतना बड़ा कदम उठा लिया, एक बार मुझे तो अपनी परेशानी को बताता। वहीं युवक के मौत से कस्बा में भी शोक की लहर दौड़ पड़ी। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि हंसी-मजाक करने वाला हिमांशु इतना बड़ा कदम उठ सकता है।