एक ही किसान को अधिक यूरिया विक्रय करने पर उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलम्बित
जिले में यूरिया, डीएपी एवं एनपीके की उपलब्धता की दी जानकारी
अलीगढ़। जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि डी0बी0टी0 पोर्टल से प्राप्त माह जुलाई की टॉप-20 उर्वरक विक्रेताओं की सूची में जिले के कृषकों को यूरिया उर्वरक के एक ही किसान को 30 से अधिक बैग विक्रय किये जाने के कारण मै0 नवदुर्गा खाद बीज भण्डार, मै0 साबिर खाद भण्डार, मै0 गोस्वामी खाद भण्डार, मै0 एग्री जंक्शन कृषक सेवा केन्द्र, मै0 प्रकाश कृषि रक्षा केन्द्र, मै0 फौजी किसान सेवा केन्द्र, मै0 प्रेम खाद भण्डार, मै0 भावना खाद बीज भण्डार, मै0 भूमि कृषक सेवा केन्द्र एवं सोसाइटी करनपुर का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलम्बित करते हुये आपूर्ति प्रतिबन्धित कर दी गयी है और एक ही कृषक को अधिक यूरिया उर्वरक विक्रय करने के संबंध में साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने बताया कि कृषकों की समस्याओं को दृष्टिगत हस्तपुर, इगलास एवं बेंसवॉ कस्बे में स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उपलब्ध यूरिया व अन्य उर्वरकों को कृषकों में बिना किसी लगेज के निर्धारित मूल्य पर ही वितरण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कृषक भाइयों को सूचित किया है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं जोकि कृषकों को जरूरत के अनुसार वितरित होता रहेगा।
उन्होंने विगत 01 अप्रैल से 05 अगस्त तक उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण एवं अवशेष मात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 74523 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता एवं जुलाई माह तक 50839 वितरण लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 64799 मीट्रिक टन वितरित किया गया है और 9724 मीट्रिक टन अवशेष है। इसी प्रकार 16238 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता एवं जुलाई माह तक 14138 वितरण लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 10569 मीट्रिक टन वितरित किया गया है और 5669 मीट्रिक टन अवशेष है। उन्होंने एनपीके के बारे में बताया कि 10443 मीट्रिक टन एनपीके की उपलब्धता एवं जुलाई माह तक 1730 वितरण लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2819 मीट्रिक टन वितरित किया गया है और 7624 मीट्रिक टन अवशेष है। 2128 मीट्रिक टन एमओपी की उपलब्धता एवं जुलाई माह तक 3530 वितरण लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 649 मीट्रिक टन वितरित किया गया है और 1489 मीट्रिक टन अवशेष है।
उन्होंने जिले में रैक से प्राप्त उर्वरकों का विवरण देते हुए बताया कि 05 अगस्त को यारा फर्टिलाइजर द्वारा 1325 मीट्रिट टन यूरिया सहकारिता एवं 1000 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र के लिए प्राप्त कराया गया है। इसी प्रकार एचयूआरएल द्वारा 614 मीट्रिक टन यूरिया सहकारिता एवं 448 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र के लिए प्राप्त कराया गया है। नर्मदा बायो द्वारा 650-650 मीट्रिक टन यूरिया एवं एनपीके सहकारिता व 350 मीट्रिक टन एनपीके निजी क्षेत्र को प्राप्त कराया गया है। कृभको द्वारा 1336 मीट्रिक टन यूरिया सहकारिता क्षेत्र एवं 901 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराया गया है। आपीएल द्वारा 1784 मीट्रिक टन यूरिया एवं 766 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार निजी कम्पनियों द्वारा सहकारिता क्षेत्र में 3925 मीट्रिक टन यूरिया, 650 मीट्रिक टन एनपीके और निजी क्षेत्र में 4133 मीट्रिक टन यूरिया, 350 मीट्रिक टन एनपीके एवं 766 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने किसान भाइयों से अनुरोध है किया है कि अपनी खतौनी के साथ पीओएस मशीन में अपना ही अगूॅठा लगाकर फसल संस्तुतियोें के आधार पर ही उर्वरक क्रय करें। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को पुनः सचेत किया कि एक ही किसान को अधिक उर्वरक की बिक्री करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।