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नहीं रहे हाथरस के सांसद राजवीर दिलेर

गभाना के दौरऊ गांव में हुआ था जन्म, पिता के कदमों पर चले हुए राजनीति में आए, फिर बने सांसद

अलीगढ़। हाथरस के सांसद राजवीर दिलेर का बुधवार शाम को हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया। वह अपने घर पर ही थे, जब उनकी तबीयत खराब हुई। वह अपने बाथरूम में गिर गए थे। उनके घर में मौजूद कर्मचारियों ने जब उन्हें देखा तो उन्हें लेकर तुरंत अस्पताल की ओर दौड़े।

कर्मचारी उन्हें रामघाट रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। जब डॉक्टरों ने सांसद का परीक्षण किया तो उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद यह खबर पूरे शहर में पहुंच गई और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं सांसद के आकस्मिक निधन के बाद भाजपा के जनप्रतनिधि, पदाधिकारी और उनके समर्थकों का घर के बाहर तांता लग गया। वहीं परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।पत्नी बोली, मैने कहा था टेंशन मत लो

सांसद की मौत के बाद उनकी पत्नी रजनी दिलेर का भी विलाप कर-करके बुरा हाल हो गया। वह उनके शव से चिपककर विलाप कर रही थी और कह रही थी कि मैंने मना किया था कि टेंशन मत लो। लेकिन टिकट कटने के कारण वह लगातार परेशान थे। लेकिन पार्टी के लिए पूरी तरह से समर्पित थे और लगातार सांसद प्रत्याशी अनूप प्रधान के लिए जनसंपर्क करके पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में लगे हुए थे। पत्नी का कहना था कि वह उनका मन नहीं था कि वह घर से कहीं बाहर जाएं, लेकिन उन्होंने जनसंपर्क के लिए भेज दिया था। जब वह बीमार हुए तो उस समय वह घर पर नहीं थी।

दौरऊ में हुआ था सांसद का जन्म

सांसद राजवीर दिलेर का रसूखदार राजनैतिक परिवार से संबंध रहा है। उनका जन्म गभाना तहसील के गांव दौरऊ में एक मई 1958 को हुआ था। उनके पिता स्व. किशनलाल दिलेर भी अलीगढ़ की कोल विधानसभा से पांच बार विधायक व हाथरस लोकसभा से चार बार सांसद रहे थे। अपने पिता के दिखाए रास्तों पर ही चलते हुए राजवीर दिलेर राजनीति में आए।

इगलास से विधायक भी रह चुके थे दिलेर

राजवीर दिलेर ने पिता की राजनीतिक विरासत संभालते हुए भाजपा में ही राजनीति की और सबसे पहले 2000-05 तक जवां ब्लॉक बार्ड 15 से से जिला पंचायत सदस्य रहे। उसके बाद वर्ष 2017 में इगलास विधानसभा से टिकट देकर पार्टी ने उन पर भरोसा जताया। भारी मतों से जीत हासिल कर वह पहली बार विधायक बने। इसके दो साल बाद ही पार्टी ने उनका प्रमोशन करते हुए 2019 में हाथरस लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। उन्होंने पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी रामजीलाल सुमन को 2,60,208 मतों से हरा दिया। इस बार उनका टिकट कट गया था और उनकी जगह पर खैर विधायक व राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान को हाथरस से प्रत्याशी बनाया गया है। जहां पर सात मई को चुनाव होना है।जनप्रतिनिधियों का लगा तांता

सांसद के आकस्मिक निधन की सूचना मिलने पर मेयर प्रशांत सिंघल, सांसद सतीश गौतम, राजस्व राजयमंत्री व हाथरस प्रत्याशी अनूप बाल्मीकि, बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह, एमएलसी मानवेंद्र सिंह, पूर्व विधायक प्रमोद गौड़, महानगर अध्यक्ष इंजी. राजीव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष विवेक सारस्वत समेत विभिन्न जनप्रतनिधि, पार्टी के पदाधिकारी और समर्थक पहुंच गए। देर रात तक जनप्रतिनिधियों और समर्थकों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा।

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