मुहर्रम-करबला शहीदों की याद में निकले ताजिए, रंजो गम के बीच दफन हुए ताजिये
गभाना। मुहर्रम के त्योहार के मौके पर शनिवार को क्षेत्र के ग्राम कटरा व चंडौस में अलम के ताजिए निकालकर अंजुमनों ने रंजो गम का इजहार किया और बाद में करबला में ले जाकर उन्हें सपुर्द ए खाक कर दिया गया।
नगर पंचायत के कटरा स्थित मस्जिद से चले अलम के जुलूस में पलक पंचायती, बिरादर, मंजूर व महताब के ताजिए शामिल थे। जुलूस के दौरान इमाम हुसैन व उनके साथियों की शाहदत के कस्से गूंजे तो सारा माहौल गमगीन हो गया। इंसानियत की रक्षा को करबला में इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों ने अपनी शाहदत दी थी।
इस दौरान जुलूस में शामिल अंजुमन लाठी, डंडे, तलवार, चाकू, छुरे से प्रदर्शन करते हुए अपने रंजो गम का इजहार करते चल रहे थे। जुलूस बाद में करबला में पहुंचा जहां शाम को ताजिए दफन कर दिए गए। जुलूस के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से इंस्पेक्टर गभाना राम कुंवर सिंह मय फोर्स के मुस्तैद रहे। इस दौरान चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह, सभासद शमीम, महताब, शकील, नईम, यामनी, जावेल, जमील, मंजूद, आजाद, अमित ठाकुर, ओमवीर मोची, अमित ठाकुर, प्रशांत सारस्वत, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं चंडौस में मुहर्रम पर जुलूस निकालकर करबला में ताजिए दफन किए गए। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था एसडीएम केबी सिंह, सीओ सुमन कनौजिया, नायब तहसीलदार संदीप चौधरी, अजेंद्र तौमर आदि संभाले रहे। सुरक्षा की दृष्टि भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा। जिससे कि कोई अराजक तत्व शांति व्यवस्था के साथ खिलवाड़ न कर सके।