सरकार से कर्ज लेकर उद्योगपति छोड़ते हैं देश
नगला जुझार। उद्योगपतियों का जितना कर्ज सरकार ने माफ किया है उतने में पूरे देश के किसानों का दो बार कर्ज माफ हो जाता। सरकार का कर्ज जब किसान पर होता है तो किसान मेहनत करता है और उद्योगपति देश छोड़ने का काम करते हैं। यह बातें पींजरी पैंठ में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाने पर रखते हुए कहा कि 23 दिसंबर को पीपली कुरुक्षेत्र में आयोजित जन आक्रोश रैली में पहुंचने के लिए किसान, मजदूर, बेरोजगार युवाओं, व्यापारियों से आह्वान किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसान यूनियन के नाम पर बहुत से संगठन किसानों से चंदा, दलाली कर मदद के नाम पर उत्पीड़न करते हैं, हमारा संगठन किसानों के मान सम्मान की लड़ाई लड़ता है। प्रदेश प्रभारी चौधरी सूबे सिंह डागर ने कहा कि यदि किसानों को अपना हक लेना है तो संगठित रहना जरूरी है। जिलाध्यक्ष चौधरी सत्यवीर सिंह सत्तो ने कहा किसानों को सम्मान व स्वाभिमान को जिंदा रखना है तो भ्रष्टाचार, बेईमानों व किसान विरोधियों के विरुद्ध आवाज बुलंद करनी होगी। अध्यक्षता प्रहलाद सिंह ने किया। टीकम सिंह, नत्थी सिंह, बृजेश चौधरी, हीरो खां, विनीत भारद्वाज, अभय चौधरी, विजय सहरावत, कुलदीप चौधरी, सर्वेश कुमार, मारखंड सिंह, शीशपाल सिंह, अचल सिंह, मानू चौधरी, अजूआ शर्मा, भूपेंद्र चौधरी आदि थे।
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