सुदामा चरित्र की कथा सुन भावुक हुए श्रोता
अलीगढ़। गांधी नगर में चल रही 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन कथा वाचक आचार्य दिनेश भारद्वाज ने सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन किया। जिसे सुन श्रोता भावुक हो गए। कथाना व्यास ने कहा कि सुदामा के पास कृष्ण नाम का धन था। संसार की दृष्टि में वह गरीब तो थे, लेकिन दरिद्र नहीं थे। अपने जीवन में किसी से कुछ मांगा नहीं। पत्नी सुशीला के बार-बार कहने पर सुदामा मित्र कृष्ण से मिलने गए। भगवान के पास जाकर भी उन्होंने कृष्ण से कुछ नहीं मांगा। भगवान अपने स्तर से सब कुछ दे देते हैं। कृष्ण-सुदामा की मित्रता ने समाज में एक मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया।
कथा के दौरान कृष्ण-सुदामा की मनमोहक झांकियां निकाली गई। जिसे देख श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। आयोजक नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर एक बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर बृजेश अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, चंचल गुप्ता आदि मौजूद रहे।