संघर्ष, त्याग और तपस्या के प्रतीक थे स्वामी विवेकानंद
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में विश्व को आध्यात्मिक ज्ञान और भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने वाले युग प्रणेता स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। विवेकानंद के बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया। संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्वमंच पर भारत की सिरमौर छवि को प्रस्तुत किया था। सामाजिक कुरीतियों को दूर कर लोगों में सेवा और समर्पण की भावना जागृत की। उनके हृदय में नारियों के प्रति असीम उदारता का भाव था। वह संघर्ष, त्याग और तपस्या के प्रतीक थे। उन्होंने देशवासियों को कर्म साधना का मंत्र देते हुए कहा था कि उठो, जागो और अपने अंतिम लक्ष्य की पूर्ति हेतु कर्म में लग जाओ। इस अवसर पर मोहन मुरारी, मनोज कुमार, कुलदीप, विशाल, हर्ष ठैनुआं, दीपक, सत्यम, लक्ष्य, प्रमोद, सूरज, साधना आदि थे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला कार्यालय अलीगढ़ गौंडा रोड पींजरी पैंठ पर भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के कार्यकर्ताओं ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर सभी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि देकर नमन किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी सत्यवीर सिंह सत्तो ने बताया स्वामी विवेकानंद ने युवाओं के लिए कहा था “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए”। वे युवाओं में आशा और उम्मीद देखते थे। उनके लिए युवा पीढ़ी परिवर्तन की अग्रदूत है। उन्होंने कहा था “युवाओं में लोहे जैसी मांसपेशियां और फौलादी नसें हैं, जिनका हृदय वज्र तुल्य संकल्पित है। इस मौके पर डाक्टर राजेंद्र कुमार शर्मा, भोलू चौधरी, दीपक चौधरी, बिल्ला चौधरी, फूल सिंह, जब्बार खां, फरमान, सत्तन शर्मा, राहुल कुमार, पन्नालाल सिसोदिया, राजकुमार शर्मा, नबी हसन आदि मौजूद थे।