किराएदार ने साथियों के साथ मिलकर की थी व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या
- कर्जा उतारने के लिए चोरी की रची थी साजिश, पहचान होने पर दिया वारदात को अंजाम
चंडौस। कस्बा में डाबर रोड पर खल व्यापारी की हत्या में पुलिस ने आरोपी किराएदार व उसके एक साथी को गिरफ्तार कर खुलासा किया है। किराएदार ने कर्जा उतारने के लिए साथियों के साथ मिलकर व्यापारी के घर से चोरी करने की साजिश रची थी। व्यापारी ने आरोपियों को पहचान लिया तो उन्होंने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त डंडा व चोरी किए दो हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
घर में बैड पर मिला था व्यापारी का शव, सिर पर थे चोट के निशान
क्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी 65 वर्षीय रमेश चंद्र गुप्ता उर्फ भूरा सेठ पिछले कई सालों से कस्बा में डावर रोड पर अपना मकान बनाकर अकेले रहते थे और खल-चुनी की दुकान चलाते थे। उनकी पत्नी काफी पहले ही मौत हो गई थी। जबकि उनके तीनों बेटे दिल्ली में रहते थे। उनके घर में कस्बा का ही सफीक पुत्र रफीक किराए पर रहता थो। बीती 12 जनवरी को उनका शव बैड पर पड़ा हुआ था। जबकि उनके सिर में चोट के निशान थे। सूचना पर थाना पुलिस के अलावा एएसपी अमृत जैन, डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर घटना से जुड़ी जानकारी करने के साथ ही साक्ष्य एकत्रित किए थे।
भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए दर्ज कराया मुकदमा
मामले में व्यापारी रमेश चंद्र गुप्ता के भाई मेघराज सिंह ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात हमलावारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं परिजनों ने घर में रहने वाले किराएदार के ऊपर शक जताया था। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी और सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही थी।
ग्रामीणों ने किया था थाने का घेराब
रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण व भाकियू के पदाधिकारी एकत्रित होकर थाने पहुंच गए थे। उन्होंने मामले में पुलिस द्वारा कोई भी संतोषजनक कार्रवाई न करने व पुलिस द्वारा आरोपियों से सांठ-गांठ कर गिरफ्तार न करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया था। बाद में इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने मामले का जल्द ही खुलासा कराने का आश्वासन देकर शांत कराते हुए वापस भेज दिया था।
जुएं में हारने के बाद कर्जे में था आरोपी
चंडौस पुलिस ने मंगलवार को चंडौस के जहराना मोड़ के पास से मृतक के किराएदार सफीक पुत्र रफीक निवासी चंडौस को ओगीपुर गोशाला के पास से तथा उसके साथी कलुआ उर्फ मनोज पुत्र सोहनलाल को जहराना मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। एएसपी अमृत जैन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सफीक ने बताया कि वह जुएं का आदी है और पिछले दिनों जुएं में रुपये हार गया था। जुएं में हुई कार के कारण उसे अपनी मोपेड और मोबाइल 40 हजार रुपए में गिरवी रखना पड़ा था। इसके बाद ही उसने अपना कर्जा चुकाने के लिए व्यापारी के घर में लूट की साजिश बनाई।
व्यापारी को पीट-पीटकर किया बेहोश
पुलिस की पूछताछ में सफीक ने बताया कि 11 जनवरी की देर रात में करीब दो बजे वह कस्बा निवासी कलुआ उर्फ मनोज पुत्र स्व. मोहनलाल, रौजिल पुत्र रफीक व राजेश पुत्र अमर सिंह जो कि अपराधी किस्म के व्यक्ति है के साथ मिलकर व्यापारी के घर में चोरी करने के लिए घुस गए। आहट होने पर रमेशचंद्र जागकर बाहर आ गए। उन्हाेंने चार लोगों को पहचान लिया। जिस पर उन्होंने बुर्जुग व्यापारी की डंडों से पीट-पीटकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वह अलमारी में रखे 12 हजार व उनकी जेब में रखे 3 हजार रुपए नकद, अलमारी से 3 हजार रुपए और अन्य सामान लेकर भाग गए। अगले दिन उन्हें बुजुर्ग की मौत का पता लगा तो सभी मौके से फरार हो गए। वह जिला छोड़कर जाने की तैयारी कर रहे थे, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
शेष आरोपियों की तलाश जारी
सीओ गभाना एएसपी अमृत जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी किराएदार और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों की निशानदेही के आधार पर हत्या में प्रयुक्त डंडे को बरामद कर लिया गया है। उनके कब्जे से लूट के 2 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी कलुआ उर्फ मनोज पर चंडौस थाना में हत्या, जानलेवा हमला, लूट, चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी ने बताया कि शेष बचे दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे शामिल
इंस्पेक्टर विनोद कुमार, एसआई विजय सिंह, एसआई जुनैद खां, हेड कांस्टेबल ब्रजमोहन, कांस्टेबल गौतम दांगी,, सागर वशिष्ठ, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार
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