मुंशी प्रेमचंद को दी श्रद्धांजलि
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था के तत्वावधान में सोमवार को गांव तोछीगढ़ में हिंदी और उर्दू के उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की 143 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके हिंदी साहित्य के प्रति असीम योगदान को स्मरण किया। अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी जिले के लमही गांव में हुआ था। उनकी कहानियां मानवीय मूल्यों की संरक्षक हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं में न केवल अंग्रेजों के अत्याचारों को दर्शाया बल्कि भारतीय जमींदारों और साहूकारों द्वारा ग्रामीणों पर किए गए जुल्म व शोषण को भी दर्शाया है। इस अवसर पर कवियित्री राधा चौधरी, पल्लवी, शारदा, उन्नति, पलक, तान्या, साधना, पुनीत कुमार, चित्तर सिंह, रमेश ठेनुआ, नरेंद्र सिंह, सूरज, कुशल, दक्ष, युवी आदि मौजूद रहे।