प्लास्टिक प्रयोग से होती है कैंसर जैसी घातक बीमारी
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण का पर्यावरण पर प्रभाव विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डा. सैफुल्लाह खान रहे।
मुख्य वक्ता ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण के रोकथाम पर सरकार की जो योजनाएं क्रियान्वित की जाती हैं उनका प्रत्येक नागरिक को पालन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि भविष्य में प्लास्टिक की थैली का उपयोग न करते हुए जूट से बने बैग का प्रयोग करें। क्योंकि प्लास्टिक के अत्याधिक प्रयोग के कारण पर्यावरण दूषित होता है और ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी घातक बीमारी फैलती हैं। शोध एवं विकास के डीन प्रो. रविकांत ने कहा कि जिस वस्तु को हम अस्वीकार करते है वह प्रदूषण है। आज मनुष्य के साथ जीव जंतु भी प्लास्टिक निगलने को विवश हैं। प्रो. महेश कुमार ने कहा कि सुविधा के लिए प्लास्टिक का आविष्कार किया गया था लेकिन धीरे-धीरे यह पर्यावरण के लिए नासूर बन गया है। निदेशक शोध प्रो. अशोक पुरोहित ने कहा कि आज प्लास्टिक प्रदूषण गंभीर समस्या है। पहले लोग पीतल, तांबा व मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग खान-पान के लिए करते थे। विभागाध्यक्ष डा. हरित प्रियदर्शी ने कहा कि प्लास्टिक के उत्पादन एवं निस्तारण के विषय में गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किए जाने की आवश्यकता है। समन्वयक वसीम अहमद खान ने आभार व्यक्त किया। छात्रों में मोहसिन, प्रेरणा, मुकुल आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम के आयोजन पर कुलपति प्रो. पीके दशोरा, कुलसचिव बिग्रे. समरवीर सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, डीन एकेडमिक प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी, आईईटी निदेशक प्रो. केपी सिंह ने शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार, डा. हैदर अली, डा. विकास शर्मा, डा. ममता रानी, जितेंद्र यादव, डा. राजेश उपाध्याय, नसीम खान, मुनिराम कुंतल, भूपेंद्र कुमार आदि थे। संचालन नैना चैहान, प्रेरणा अग्रवाल व संजना राघव ने किया।