प्रकृति का सुकुमार कवि हैं सुमित्रानंदन पंत
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा गांव तोछीगढ़ में प्रकृति के सुकुमार राष्ट्रकवि सुमित्रानंदन पंत एवं भारत रत्न, प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालचारी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।
अध्यक्ष जतन चौधरी ने दोनों महापुरषों की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजगोपालचारी वकील, लेखक, राजनीतिज्ञ और दार्शनिक थे। अद्भुत और प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण राजाजी के नाम से प्रसिद्ध थे। खादी के प्रचार में उनका योगदान महत्त्वपूर्ण था।
वहीं सुमित्रानंदन पंत के काव्य जीवन का आरंभ प्रकृति के प्रांगण से हुआ था। इसीलिए उन्हें प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है। इस अवसर पर आदित्य भारद्वाज, हेमंत शर्मा, शौरभ, सागर, अभिषेक, मनोज कुमार, यश, गोलू, सूरज आदि थे।