दुकानदार की हत्या में गभाना के तीन युवकों को आजीवन कारवास की सजा
अलीगढ़। कस्बा गभाना में साढ़े सात साल पूर्व हुई दुकानदार की हत्या के मामले में कोर्ट ने गभाना क्षेत्र के तीन युवकों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारवास की सजा व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह था पूरा घटना क्रम
मूल रूप से बुलंदशहर के थाना कोतवाली देहात खुर्जा के गांव सिरयाल के रहने वाले जगपाल पुत्र गोविंद पिछले कई सालों से कस्बा गभाना में हीरो होंडा एजेंसी के पीछे मकान बनाकर रहते थे। उन्होंने सारस्वत विहार कालोनी में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान खोल रखी थी। 17 जनवरी 2017 की शाम को जगपाल दुकान बंद कर देर रात तक घर नही पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान घर से कुछ कदम की दूरी पर गभाना-बरौली मोड़ पर मंदिर के सहारे जगपाल का शव पड़ा मिला था।
मामले में मृतक के भाई मुकट पाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि भरतरी निवासी रामू पुत्र शिशुपाल, रामपुर निवासी कमल शर्मा उर्फ भूरा पुत्र रमेश चन्द्र शर्मा व भांकरी निवासी सचिन शर्मा 17 जनवरी 2017 की शाम को उनके भाई को इंडिगो कार में बैठाकर ले गए थे और उनसे वाइस हजार रूपये लूटकर उनकी हत्या कर शव को गभाना में बरौली मोड़ पर लाल मंदिर के पास फेंक गए थे। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर मिली सजा
एडीजे नौ विनय तिवारी के कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए सोमवार को आजीवन कारावास की सजा व तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं घटना में चश्मदीद न होने व लूट के रुपये बरामद न होने के चलते तीनों को लूट के आरोप से दोष मुक्त किया है।