अकादमिक परिषद की बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और शोध उत्कृष्टता पर मंथन
-मंगलायतन विश्वविद्यालय में एनईपी 2020 के अनुरूप बड़े शैक्षणिक सुधारों पर चर्चा
इगलास। मंगलायतन विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक परिषद की बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार, शोध आधारित शिक्षा तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास को लेकर गहन मंथन किया गया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु शिक्षा व्यवस्था को समयानुकूल बनाना, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक पाठ्यक्रमों से जोड़ना रहा। बैठक में शैक्षणिक ढांचे में बड़े बदलावों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया।
बैठक की शुरुआत कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह द्वारा परिषद सदस्यों के स्वागत एवं परिचय के साथ हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को अपनी क्षमता, ज्ञान और प्रतिबद्धता का अधिकतम उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आगामी योजनाओं को यथार्थवादी, सकारात्मक और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को केंद्र में रखकर तैयार करने पर बल दिया। बैठक में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के प्रो. अब्दुल्लाह बुखारी ने शोध और प्रकाशन की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यद्यपि संकाय सदस्यों द्वारा शोध पत्र प्रकाशित किए जा रहे हैं। उच्च श्रेणी के जर्नल्स में प्रकाशन से शोध की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि शोधकर्ता की अकादमिक पहचान और व्यक्तित्व में भी सकारात्मक वृद्धि होती है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि शैक्षणिक विकास के माध्यम से विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है, जिसके लिए गुणवत्ता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार आवश्यक है।
डीन एकेडमिक प्रो. राजीव शर्मा ने पूर्व बैठक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए भविष्य की योजनाओं और प्रस्तावित एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अपने शैक्षणिक ढांचे में व्यापक बदलावों की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। स्टूडेंट्स सैटिस्फैक्शन सर्वे पर विस्तृत रिपोर्ट प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें छात्रों की प्रतिक्रियाओं, अपेक्षाओं और सुधार की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर वित्त सलाहकार अतुल गुप्ता, प्रो. रविकांत, प्रो आरके शर्मा, प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. सौरभ कुमार, प्रो. दीपशिखा सक्सेना, प्रो. अंकुर अग्रवाल, प्रो. अशोक उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।