धूमधाम से मनाया गया भगवान परशुराम का जन्मोत्सव, उनके आदर्शों को जीवन मे अपनाने का लिया संकल्प
गभाना। ब्राह्मणो के अग्रज एवं भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भंडरों का अायोजन कराया। कस्बा में समाज के लोगों ने संगीतमय सुदंरकांड के पाठ का अायोजन कराया, इस दौरान विभिन्न भजनों पर श्रद्धालु झूमते व थिरकते नजर आए। इससे पूर्व विप्र समाज के लोगों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम जी इतने न्यायप्रिय थे कि उनके आगमन से ही समस्त प्रजा निर्भय हो जाती थी। वह सामाजिक समानता, मानव कल्याण के प्रबल पक्षधर थे। परशुराम जी सदैव अपने गुरूजनों एवं माता-पिता की अाज्ञा का पालन करते थे। भगवान परशुराम जी ने पितृभक्ति के फलस्वरूप अष्ट-चिरंजीवियों में स्थान प्राप्त किया। इनके तपोबल एवं योग बल से समस्त भू-मंडल तथा तीनों लोक परिचित थे। उनका जीवन हमें अन्याय के विरूद्ध दृढ़ रहने और संघर्ष करके विजय प्राप्त करने को प्रेरित करता है। हमें भगवान परशुराम के दिखए मार्ग पर चलकर समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने के लिए सामाजिक व नैतिक शिक्षा पर जोर देना चाहिए तथा सर्व समाज की भलाई के लिए हमेशा प्रयत्न रहना चाहिए। आयोजन में प्रशांत सारस्वत, विराट पंडित, आकाश शर्मा, कृष्णकांत शर्मा, आयुष पंडित, खगेश शर्मा, राजा शर्मा, महेश, शिवा शर्मा, रिंकू, आचार्य योगेश सारस्वत, पवन पुजारी आदि मौजूद रहे।
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