अलीगढ़ जिस दिन हरिगढ़ बनेगा तो जरूर आऊंगा- बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री
– मित्रता हो तो कृष्ण सुदामा जैसी- इंद्रेश उपाध्याय
अलीगढ़। लोधा के हरिदासपुर स्थित ल्हौसरमा मार्ग पर चल रहे 108 कुंडीय महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने सुदामा चरित्र की कथा का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति में साथ दे। सच्चा मित्र वही है जो अपने मित्र को दुखी देखकर उसकी मदद करे। यही सच्ची मित्रता होती है। कृष्ण भगवान ने सुदामा के एक मुठ्ठी चावल खाये और बदले में उसे एक लोक का राजा बना दिया। कृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ थी। उन्होंने सुदामा की गरीबी को देखते हुए उसकी मदद की। उन्होंने कहा कि कृष्ण सुदामा के चरित्र ने समाज को अद्भुत मैत्री का संदेश दिया है। जब तक प्रत्येक व्यक्ति परस्पर दूसरे व्यक्ति और प्रकृति के प्रति संवेदनशील नहीं होगा तब तक समाज में प्रेम व्यवहार युक्त वातावरण नहीं होगा।
उन्होंने सात दिन की कथा का सारांश बताते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन कई योनियों के बाद मिलता है। हमें भगवान का भजन कर अपने जीवन को जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि गो सेवा से बड़ा कोई धर्म और पुण्य नहीं हो सकता है। हमें जीवन में गो सेवा अवश्य करनी चाहिए। कथा के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के धीरेंद्र शास्त्री का वीडियो दिखाया। जिसमें उन्होंने व्यस्तता के चलते हरीगढ़ न आने की असमर्थता बताई। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ को जब हरीगढ़ के नाम से पुकारा जाने लगेगा तो वह हरिगढ़ की पावन भूमि जरूर आएंगे। आयोजन में परिक्षित बाके बिहारी, आचार्य भरत तिवारी, सांसद सतीश गौतम, महापौर प्रशांत सिंघल, अन्नू आजाद, शिवनारायण शर्मा, आचार्य हिमांशु शास्त्री स्वामी श्री पूर्णानंद पुरी जी, एडवोकेट नीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
दिनचर्या में शामिल करें हरिगढ़ शब्द
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नीरज शर्मा की ओर से चलाई जा रही अलीगढ़ चाहे बदलाव-हरिगढ़ की मुहिम को सफल बनाने की लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को दिनचर्या में अलीगढ़ की जगह हरिगढ़ शब्द का प्रयोग करना चाहिए। वहीं बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने भी वीडियों के माध्यम से लोगों से हरिगढ़ शब्द का प्रयोग करने की अपील की।