गभाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में नवागत मंडलायुक्त ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
गभाना। तहसील सभागार में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस डीएम इंद्रविक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का नवागत मंडलायुक्त रविंद्र ने पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिकायत पटल, शिकायतों के निस्तारण, कार्यक्रम के दौरान अधिकारिकारियों की उपस्थिति आदि की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व में समाधान दिवस में आई शिकायतों का अवलोकन किया।
जिसमें चंदरौला निवासी चंद्रशेखर व रामवीर द्वारा की गई शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता को सही नहीं मानते हुए पूरे मामले को फिर से स्पष्ट करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका तत्काल निस्तारण कराएं, साथ ही शिकायतकर्ता से वार्ता कर संतुष्ठ करें, जिससे फरियादियों को बार-बार भटकना न पड़े। शिकायताें का सही ढ़ंग से निस्तारण न करने से तहसील, जनपद व मंडल की ग्रेडिंग प्रणाली खराब होती हैं।
कार्यक्रम में गभाना चेयरमैन अभिमन्युराज सिंह ने पनिहावर गांव में आज तक शमशान न होने के चलते ग्रामीणों को होनी वाली परेशानियों को देखते हुए गांव श्मशान को भूमि उपलब्ध कराने, गांव से प्रतिदिन टोल बचाने के चक्कर में हजारों की संख्या में निकलने वाले वाहनों से होने वाले हादसों को देखते उक्त वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
सूरजपुर जरारा की ग्राम प्रधान नीलम रानी से गांव में जर्जर पड़ी पीडब्लूडी की सड़क को सीमेंटेट कराने, इमलहरा के प्रदीप सारस्वत ने वर्षों पुराने तालाब को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने तथा उसका सौंदर्यीकरण कराने की मांग की। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. भानू प्रताप सिंह समर्थकों के साथ पहुंचकर किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम के के दौरान कमिश्नर ने दो दिव्यांग बच्चों को बौद्धिक दिव्यांगता किट व दो बच्चों को आसानी से सुन सकने वाले सहायक यंत्र प्रदान किए। वहीं 26 लोगों को आवास स्थलों का विनियमितिकरण प्रमाण पत्र देकर हुए उन्हें मकान का स्वामी घोषित किया।
तहसील परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर हरिशंकरी (नीम, पाकड़ एवं पिलखुन) के पौधा भी रोपित किए। कमिश्नर के साथ डीएम इंद्रविक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम वित्त मीनू राणा ने कार्यक्रम में अवैध कब्जा, सड़क, नाली, खरंजा, बिजली के अलावा पेंशन न मिलने आदि समेत कुल 62 शिकायतों को सुना। जिसमें से मौके पर मात्र 11 फरियादियों को राहत दी जा सकी।
कार्यक्रम में एसडीएम केबी सिंह, सीओ सुमन कनौजिया, तहसीलदार अवनीश कुमार, नायब तहसीलदार अजेंद्र तौमर समेत तमाम जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।