गभाना : लखनऊ कांड के विरोध में अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा, जमकर किया प्रदर्शन
लखनऊ में अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज और चैंबर तोड़े जाने की घटना से भारी आक्रोश
गभाना। लखनऊ में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और उनके चैंबरों को जबरन तोड़े जाने की गूंज सोमवार को गभाना तहसील में भी सुनाई दी। घटना के विरोध में तहसील के अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वकीलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से आगामी पांच जून तक यानी पूरे 13 दिनों के लिए न्यायिक कार्यों के पूर्ण बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लिया है।
बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं
सोमवार को दि अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश बघेल एवं युवा राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीन प्रताप सिंह के संयुक्त नेतृत्व में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की एक आपात बैठक आहूत की गई। बैठक में वक्ताओं ने लखनऊ की घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्याय के प्रहरियों (अधिवक्ताओं) के साथ इस तरह का अमानवीय व बर्बर कृत्य बेहद निंदनीय है। वकीलों के चैंबर तोड़ना उनके मान-सम्मान पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
स्थानीय तहसील प्रशासन पर भी बरसे वकील
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने स्थानीय स्तर पर तहसील प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी भड़ास निकाली। वकीलों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तहसील में तैनात कुछ लेखपालों के साथ मिलकर कई अनाधिकृत और प्राइवेट व्यक्ति व्यक्ति आज भी धड़ल्ले से सक्रिय हैं। अधिवक्ताओं ने याद दिलाया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर पूर्व में भी एक बड़ा आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। इन बाहरी और प्राइवेट लोगों के दखल के कारण तहसील में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है और आम जनता परेशान है।
यह रहे मौजूद
इस दौरान हिम्मत सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, अरूण कुमार सिंह, विनेश कुमार सिंह, अर्पित कुमार शर्मा, भानू प्रकाश सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, चित्रवीर सिंह, राकेश कुमार, मनोज सिंह, विनय शर्मा, शाहिद खान, महेश कुमार, प्रेमपाल सिंह, आशीष सारस्वत, जितेंद्रपाल सिंह, प्रदीप सारस्वत, वेदवीर सिंह, जितेंद्र सिंह, अजय गर्ग, देशवीर सिंह, उमाशंकर सारस्वत सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।